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घटनास्थल के पास लगा था घूमने वाला कैमरा, जिसकी लोकेशन हादसे के वक्त दूसरी जगह थी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में एसीपी संकेत कौशिक (55) की मौत के मामले में पुलिस अभी तक फरार ड्राइवर को ट्रेस नहीं कर सकी है। इस घटना के समय मौजूद रहे अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने सिलसिले वार ढंग से इस पूरी घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। टक्कर मारने वाला वाहन मिनी ट्रक बताया गया है। अभी तक की जांच में यह घटना महज एक हादसा समझी जा रही है, लेकिन पुलिस की जांच के दायरे में साजिश के तहत हुई घटना का बिंदु भी शामिल है। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है जिस जगह पर यह हादसा हुआ वहां सीसीटीवी कैमरा घूमने वाला लगा है। दुर्घटना के वक्त कैमरे की लोकेशन दूसरी तरफ थी, जिस कारण हादसा कैमरे में कैद नहीं हो सका। सूत्रों का यह भी कहना है टक्कर मारने वाला वाहन मिनी ट्रक या फिर टैंकर भी हो सकता है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया हादसे में जान गंवाने वाले एसीपी संकेत कौशिक ने साल 1989 में बतौर सब इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस ज्वाइन की थी। उनकी शुरुआती पोस्टिंग साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक में ही थी। वर्ष 2006 में वह प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बन गए। इस दौरान उनकी तैनाती सेंट्रल डिस्ट्रिक, सिक्योरिटी और ट्रैफिक यूनिट में रही। वर्ष 2017 में ही वह एसीपी बने थे। घटना की जांच के आदेश इस घटना के बाद गंभीर रुप से जख्मी एसीपी को अचेत हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने उनका शव परिजनों के हवाले कर दिया। फिलहाल, इस घटना के मद्देनजर पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 और 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसीपी संकेत कौशिक की इस तरह से हुई मौत के मामले में पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं। चश्मदीद एएसआई ने कहा- मिनी ट्रक की नंबर प्लेट पर लगी थी काफी मिट्‌टी वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस को दिए बयान में इस घटना के चश्मदीद एएसआई मुन्नीलाल (59) ने बताया वह एसपी ऑफिस ट्रैफिक द्वारका सेक्टर 23 साउथ वेस्ट में तैनात है। वह एसीपी संकेत कौशिक की ड्राइवर ड्यूटी कर रहा है। शनिवार को वह एसीपी संकेत कौशिक को सरकारी गाड़ी से चैकिंग के लिए रजौकरी फ्लाईओवर के पास लेकर आया था। उन्होंने उमराव होटल के पास गाड़ी खड़ी की। जिसके बाद एसीपी पैदल ही चैकिंग के लिए सर्विस लेन प रजा रहे थे। वह साहब के साथ पीछे ही बाएं तरफ दो चार कदम पीछे चल रहा था। एसीपी दांए तरफ चल रहे थे। रजौकरी फ्लाईओवर से थोड़ा ही आगे गुड़गांव की ओर से आते हुए एक मिनी ट्रक ने एसीपी संकेत कौशिक को टक्कर मारी, जिसके बाद वह उन्हें घसीटते हुए मूवेबल ड्राइवर पर जाकर गिरा दिया। डिवाइडर को भी क्रैश कर दिया। इसके बाद मैं (मुन्नी लाल) चिल्लाया और ड्राइवर को रोकने की कोशिश की। कुछ पल ट्रक ड्राइवर रुका, जिसे पीछे मुड़कर भी देखा। उसने मुंह पर मास्क नहीं लगा रखा था। जब उसने मुझे पीछे से आते हुए देखा तो वह मेन हाईवे पर चढ़कर दिल्ली की ओर फरार हो गया। यह घटना बीती रात आठ बजे की है। ट्रक की नंबर प्लेट पर काफी मिट्टी लगी हुई थी, जिस कारण वह इस वाहन का नंबर नोट नहीं कर सका। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है जिस जगह पर यह हादसा हुआ वहां सीसीटीवी कैमरा घूमने वाला लगा है। ​​​​​​​ Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में एसीपी संकेत कौशिक (55) की मौत के मामले में पुलिस अभी तक फरार ड्राइवर को ट्रेस नहीं कर सकी है। इस घटना के समय मौजूद रहे अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने सिलसिले वार ढंग से इस पूरी घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। टक्कर मारने वाला वाहन मिनी ट्रक बताया गया है। अभी तक की जांच में यह घटना महज एक हादसा समझी जा रही है, लेकिन पुलिस की जांच के दायरे में साजिश के तहत हुई घटना का बिंदु भी शामिल है। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है जिस जगह पर यह हादसा हुआ वहां सीसीटीवी कैमरा घूमने वाला लगा है।

दुर्घटना के वक्त कैमरे की लोकेशन दूसरी तरफ थी, जिस कारण हादसा कैमरे में कैद नहीं हो सका। सूत्रों का यह भी कहना है टक्कर मारने वाला वाहन मिनी ट्रक या फिर टैंकर भी हो सकता है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया हादसे में जान गंवाने वाले एसीपी संकेत कौशिक ने साल 1989 में बतौर सब इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस ज्वाइन की थी। उनकी शुरुआती पोस्टिंग साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक में ही थी। वर्ष 2006 में वह प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बन गए। इस दौरान उनकी तैनाती सेंट्रल डिस्ट्रिक, सिक्योरिटी और ट्रैफिक यूनिट में रही। वर्ष 2017 में ही वह एसीपी बने थे।

घटना की जांच के आदेश

इस घटना के बाद गंभीर रुप से जख्मी एसीपी को अचेत हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने उनका शव परिजनों के हवाले कर दिया। फिलहाल, इस घटना के मद्देनजर पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 और 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसीपी संकेत कौशिक की इस तरह से हुई मौत के मामले में पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं।

चश्मदीद एएसआई ने कहा- मिनी ट्रक की नंबर प्लेट पर लगी थी काफी मिट्‌टी

वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस को दिए बयान में इस घटना के चश्मदीद एएसआई मुन्नीलाल (59) ने बताया वह एसपी ऑफिस ट्रैफिक द्वारका सेक्टर 23 साउथ वेस्ट में तैनात है। वह एसीपी संकेत कौशिक की ड्राइवर ड्यूटी कर रहा है। शनिवार को वह एसीपी संकेत कौशिक को सरकारी गाड़ी से चैकिंग के लिए रजौकरी फ्लाईओवर के पास लेकर आया था। उन्होंने उमराव होटल के पास गाड़ी खड़ी की। जिसके बाद एसीपी पैदल ही चैकिंग के लिए सर्विस लेन प रजा रहे थे।

वह साहब के साथ पीछे ही बाएं तरफ दो चार कदम पीछे चल रहा था। एसीपी दांए तरफ चल रहे थे। रजौकरी फ्लाईओवर से थोड़ा ही आगे गुड़गांव की ओर से आते हुए एक मिनी ट्रक ने एसीपी संकेत कौशिक को टक्कर मारी, जिसके बाद वह उन्हें घसीटते हुए मूवेबल ड्राइवर पर जाकर गिरा दिया। डिवाइडर को भी क्रैश कर दिया। इसके बाद मैं (मुन्नी लाल) चिल्लाया और ड्राइवर को रोकने की कोशिश की। कुछ पल ट्रक ड्राइवर रुका, जिसे पीछे मुड़कर भी देखा।

उसने मुंह पर मास्क नहीं लगा रखा था। जब उसने मुझे पीछे से आते हुए देखा तो वह मेन हाईवे पर चढ़कर दिल्ली की ओर फरार हो गया। यह घटना बीती रात आठ बजे की है। ट्रक की नंबर प्लेट पर काफी मिट्टी लगी हुई थी, जिस कारण वह इस वाहन का नंबर नोट नहीं कर सका। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है जिस जगह पर यह हादसा हुआ वहां सीसीटीवी कैमरा घूमने वाला लगा है। ​​​​​​​



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