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1 करोड़ रुपए की फीस लेने वाले पहले एक्टर हैं कमल हासन, इनकी ही सबसे ज्यादा 7 फिल्में ऑस्कर में भेजी गईं

सुपरस्टार कमल हासन 66 साल के हो गए हैं। 7 नवंबर 1954 को तमिलनाडु के परमाकुदी में जन्मे हासन वैसे तो तमिल सिनेमा के एक्टर हैं। लेकिन उन्होंने तेलुगु, मलयालम, हिंदी, कन्नड़ और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया है। खास बात यह है कि सिर्फ बंगाली छोड़कर उन्होंने बाकी सभी फिल्म इंडस्ट्रीज में सिल्वर जुबली पूरी की है। कमल हासन के बारे में यह भी कम ही लोग जानते होंगे कि 1994 में सिंगल फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपए लेने वाले वे पहले भारतीय अभिनेता बने थे। जन्मदिन पर उनके ऐसे ही 5 फैक्ट्स/किस्सों पर नजर डालते हैं:-

1. 6 साल की उम्र में एक्टिंग के लिए गोल्ड मैडल जीता

कमल हासन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत तब कर दी थी, जब वे महज 6 साल के थे। 1959 में रिलीज हुई तमिल फिल्म 'कलाथुर कन्नम्मा' में उन्होंने एक अनाथ बच्चे की भूमिका निभाई थी। उनके परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्रेस्टीजियस प्रेसिडेंट गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया था।

2. सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाले अभिनेता

कमल हासन इंडियन सिनेमा की हिस्ट्री में सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाले फिल्म अभिनेता हैं। वे 19 बार (2 हिंदी और 17 साउथ) यह अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। कहा जाता है कि बाद में उन्होंने खुद फिल्मफेयर एसोसिएशन से अपना नाम विदड्रॉ कर लिया, ताकि भविष्य में युवा एक्टर्स यह अवॉर्ड जीत सकें। इन फिल्मों के लिए मिला फिल्मफेयर-

नं.

फिल्म

भाषा

कैटेगरी

1

सागर (1985)

हिंदी

बेस्ट एक्टर

2

विरासत (997)

हिंदी

बेस्ट स्टोरी

3

कन्याकुमारी (1974)

मलयालम

बेस्ट एक्टर

4

अपूर्वा रागंगल (1975)

तमिल

बेस्ट एक्टर

5

ओरु ऊधाप्पू कन सिमित्तुरगिराधू (1976)

तमिल

बेस्ट एक्टर

6

16 वयाधिनिले (1977)

तमिल

बेस्ट एक्टर

7

सिगाप्पू रोजाकाल (1978)

तमिल

बेस्ट एक्टर

8

येत्ता (1978)

मलयालम

बेस्ट एक्टर

9

राजा पार्वई (1981)

तमिल

बेस्ट एक्टर

10

आकली राज्यम (1981)

तेलुगु

बेस्ट एक्टर

11

सागर संगमम (1983)

तेलुगु

बेस्ट एक्टर

12

पुष्पक विमान (1986)

कन्नड़

बेस्ट एक्टर

13

अपूर्वा सगोधारारगई (1989)

तमिल

बेस्ट एक्टर

14

इंद्रुदु चंद्रुदु (1989)

तेलुगु

बेस्ट एक्टर

15

गुना (1991)

तमिल

बेस्ट एक्टर

16

थेवर मागन (1992)

तमिल

बेस्ट एक्टर

17

कुरुथीपुनाल (1995)

तमिल

बेस्ट एक्टर

18

इंडियन (1996)

तमिल

बेस्ट एक्टर

19

हे राम (2000)

तमिल

बेस्ट एक्टर

3. इकलौता एक्टर, जिसकी 7 फिल्में ऑस्कर में भेजी गईं

भारत की ओर से ऑस्कर अवॉर्ड की बेस्ट फॉरेन फिल्म कैटेगरी में कमल हासन की 7 फिल्में भेजी जा चुकी हैं, जो किसी भी इंडियन एक्टर की सबसे ज्यादा फिल्में हैं। ये 7 फिल्में हैं-

नं.

फिल्म

साल

भाषा

रिमार्क

1

सागर

1985

हिंदी

एक्टर

2

स्वाति मुत्यम

1986

तेलुगु

एक्टर

3

नायकन

1987

तमिल

एक्टर

4

थेवर मागन

1992

तमिल

प्रोड्यूसर- एक्टर

5

कुरुथीपुनाल

1995

तमिल

एक्टर, स्क्रीन राइटर

6

इंडियन

1996

तमिल

एक्टर

7

हे राम

2000

हिंदी-तमिल

एक्टर-डायरेक्टर

4. जब कमल और नसीरुद्दीन के बीच झगड़ा हुआ

1983 में कमल हासन जया प्रदा को लेकर एक फिल्म प्रोड्यूस करना चाहते थे, जिसके निर्देशक के. विश्वनाथन थे। इसके लिए उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को अप्रोच किया और कहा कि यह एक छोटी सी आर्ट फिल्म है और मैं चाहता हूं कि आप इसमें बिना फीस लिए काम करें।

नसीरुद्दीन इस बात से नाराज हो गए और कमल हासन को वहां से जाने के लिए कह दिया। नसीर का कहना था कि अगर यह इतनी छोटी फिल्म है तो वे खुद को और जया प्रदा को इसमें क्यों कास्ट कर रहे हैं? इसके बाद 17 साल तक दोनों ने साथ काम नहीं किया। 2000 में फिल्म 'हे राम' में वे साथ नजर आए थे।

5.प्लेटफॉर्म स्लीपर पहनने पर रानी को लगाई थी डांट

रानी मुखर्जी ने कमल हासन के साथ फिल्म 'हे राम' में साथ काम किया है। एक इंटरव्यू में रानी ने इस फिल्म से जुड़ा रोचक किस्सा साझा किया था। उन्होंने कहा था- मुझे याद है कि हाइट कम होने की वजह से मैं प्लेटफॉर्म स्लीपर पहनती थी।

जब कमल जी ने ये देखा तो बोले- 'पागल हो क्या? जाओ फ्लेट्स पहनों, तुम कभी भी इस बात से नहीं पहचानी जाओगी कि तुम कितनी लंबी हो। बल्कि तुम्हारी उपलब्धियां तुम्हारी पहचान बनाएंगी।'कमल जी की इस सलाह के बाद मैं अपने कद को लेकर कॉन्फिडेंट हो गई थी।

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Kamal Haasan Birthday: Some Interesting Facts About Superstar

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राधिका आप्टे को नहीं शादी में भरोसा, बोलीं- मुझे 2012 में शादी करनी पड़ी, क्योंकि लंदन का वीजा चाहिए था

राधिका आप्टे की मानें तो वे शादी में यकीन नहीं रखतीं। खास बात यह है कि वे 2012 में ब्रिटिश म्यूजिशियन बेनेडिक्ट टेलर से शादी करनी कर चुकी हैं और अभी लंदन में उन्हीं के साथ रह रही हैं। हालांकि, राधिका के मुताबिक, यह शादी उन्हें लंदन का वीजा पाने की मजबूरी में करनी पड़ी थी।

'शादीशुदा होने पर वीजा आसानी से मिल जाता है'

राधिका ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के शो विट फिक्स में विक्रांत मैसी से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को ऐसे सवालों के जवाब दिए, जो आमतौर पर इंटरव्यू में नहीं पूछे जाते।

जब राधिका से पूछा गया कि उन्होंने शादी कब की? तो उन्होंने जवाब में कहा- जब मुझे अहसास हुआ कि अगर आप शादीशुदा हैं तो आपको वीजा आसानी से मिल जाता है। मुझे लगता है कि इस तरह की बाउंड्रीज नहीं होनी चाहिए। मैं शादी में यकीन नहीं रखती। मैंने शादी की, क्योंकि वीजा की दिक्कत थी और हम (राधिका और बेनेडिक्ट) साथ रहना चाहते थे। मुझे लगता है कि यह सही नहीं है।

बेनेडिक्ट टेलर और राधिका आप्टे।

पूरा लॉकडाउन बेनेडिक्ट के साथ बिताया

राधिका ने पूरा लॉकडाउन बेनेडिक्ट के साथ लंदन में ही बिताया। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने रुटीन के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था- रुटीन होना आम बात है। लेकिन ऐसे समय में मैंने अच्छा खाया, कसरत की, लिखने और देखने की कोशिश की और कुछ भी नहीं किया।

राधिका को 'न्यू नॉर्मल' टर्म पसंद नहीं

राधिका को लगता है कि कोविड-19 की वैक्सीन आने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। वे कहती हैं, "मुझे 'न्यू नॉर्मल' टर्म पसंद नहीं है। यह उस समय तक है, जब तक हमें समस्या से निपटने के लिए टीका नहीं मिल जाता। हमें विश्वास है कि हम वापस सामान्य हो जाएंगे। एक बार जब हम वापसी कर लेंगे, तो इस बारे भूल जाएंगे।"

आखिरी बार 'रात अकेली है' में दिखी थीं

राधिका आखिरी बार नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज 'रात अकेली है' में नजर आई थीं। जुलाई में रिलीज हुई इस वेबसीरीज में उनके साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी की भी अहम भूमिका थी। सीरीज से कास्टिंग डायरेक्टर हनी त्रेहान ने बतौर निर्देशक डेब्यू किया था।

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Radhika Apte says she doesn't believe in the marriage, reveals she got married because of visa problem

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अक्षय कुमार- सोनू सूद ने शुरू किया शेड्यूल, कैंसर का इलाज करा रहे संजय दत्त दिवाली बाद शूटिंग शुरू करेंगे

अक्षय कुमार और सोनू सूद ने 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है। सेट से अक्षय कुमार की एक्सक्लूसिव फोटो दैनिक भास्‍कर के हाथ लगी है। फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया कि यह शेड्यूल 30 नवंबर तक चलेगा। इन दिनों शूटिंग यशराज स्टूडियो में हो रही, लेकिन बहुत जल्द इसे मुंबई के मड आईलैंड में पूरा किया जाएगा।

कोरोना के कारण शेड्यूल लंबा है

फिल्‍म का लंबा शेड्यूल इसलिए है, ताकि सबका नियमित रूप से कोरोना टेस्‍ट भी होता रहे। क्रू मेंबर्स की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें स्टूडियो में एंट्री दी जा रही है। उन्‍हें एक साथ पास के ही एक होटल में रखा गया है। वहीं से बायो बबल की तर्ज पर सबकी आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।

दिवाली बाद शूट करेंगे संजय दत्त

फिल्‍म में संजय दत्त भी हैं। वे मोहम्मद गौरी के रोल में हैं। चूंकि इन दिनों वे इम्युनोथैरेपी करवा रहे हैं। इसलिए उनका शेड्यूल दिवाली बाद रखा गया है। फिलहाल अक्षय कुमार, सोनू सूद और मानव विज आदि के सीक्वेंस पूरे किए जा रहे हैं। 13 तारीख से मानुषी छिल्लर भी शूटिंग का हिस्‍सा बनेंगी।

लॉकडाउन से पहले शूट हो चुका था बड़ा हिस्सा

सेट पर मौजूद सूत्रों में से एक ने बताया, "मार्च में लॉकडाउन लगने से पहले फिल्‍म का बड़ा हिस्‍सा शूट हो चुका था। जयपुर में राजा-महाराजाओं के महलों के एक्सटीरियर का स्टॉक फुटेज काफी है। बाकी हिस्से की शूटिंग को पूरा करने के लिए वाईआरएफ स्टूडियो के भीतर बड़ा सेट तैयार किया गया है। यहां का इंटीरियर जयपुर के एक्सटीरियर शॉट के साथ मर्ज किया जाएगा।"

डायरेक्टर ने भी की शूटिंग की पुष्टि

हमने इस बारे में जानने के लिए फिल्म के डायरेक्टर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा, "जी हां, हमने वाईआरएफ स्टूडियो में 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है और इस शेड्यूल को लेकर पूरी टीम काफी एक्साइटेड है।"

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'पृथ्वीराज' के सेट अक्षय कुमार। फोटो उनके ताजा शेड्यूल की है, जो हाल ही में मुंबई शुरू हुआ है। फिल्म में सोनू सूद पृथ्‍वीराज चौहान (अक्षय कुमार) के गहरे दोस्‍त चंदबरदाई के रोल में होंगे, जो आगे चलकर उनके राजकवि और सहयोगी बन जाते हैं।

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जब राजीव गांधी की हत्या के बाद पूछा गया था- क्या आप सोनिया को सहारा देने फिर से राजनीति में आ रहे हैं?

अमिताभ बच्चन 78 साल के हो गए हैं। 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में जन्मे अमिताभ 51 साल से बॉलीवुड में एक्टिव हैं। हालांकि, इस अवधि में तीन साल के लिए वे राजनीति में भी चले गए थे। 1984 में वे राजनेता बने और 1987 में पॉलिटिकल करियर छोड़ दिया। लेकिन यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि राजीव गांधी की हत्या के बाद उनसे दोबारा राजनीति में एंट्री को लेकर सवाल किया गया था। हालांकि, उन्होंने बड़ी ही सावधानी से टालमटोल वाला जवाब दिया था।

पूछा गया था कि क्या सोनिया को सहारा देने के लिए राजनीति में आएंगे?

जाने-माने ऑथर और कॉलमिस्ट राशिद किदवई ने अपनी बुक 'नेता-अभिनेता : बॉलीवुड स्टार पावर इन इंडियन पॉलिटिक्स' में लिखा है- राजीव गांधी की हत्या के एक साल बाद 1992 में अमिताभ बच्चन से पूछा गया कि क्या वे विधवा सोनिया (गांधी) को असिस्ट करने के लिए फिर से पॉलिटिक्स ज्वॉइन करेंगे?

जब सोनिया गांधी भारत आईं तो उन्हें रिसीव करने अमिताभ बच्चन भी पहुंचे थे। पालम एयरपोर्ट पर 13 जनवरी, 1968 के दिन राजीव ने सोनिया को अपने जिगरी दोस्त अमिताभ से मिलवाया था। इसके बाद शादी से पहले 43 दिन तक सोनिया अमिताभ के पैरेंट्स तेजी बच्चन और हरिवंशराय बच्चन के साथ रही थीं।

जवाब में उन्होंने कहा- आदत के अनुसार मैं अपने काम में पूरी तरह इन्वॉल्व हूं। मैंने काम लिया है और उसे हर कीमत पर पूरा किया है। अब मैंने अपनी फिल्मों में कटौती करने का फैसला लिया है तो लोगों को लगता है कि मैंने यह पॉलिटिक्स में आने के इरादे से किया है।

जी हां, राजीव गांधी मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे और यह भी सच है कि मैं सोनियाजी का सच्चा शुभचिंतक हूं और उनके परिवार का करीबी हूं। लेकिन मेरे पॉलिटिक्स में आने से उनकी चिंताएं और प्लान कैसे आसान हो जाएंगे? और उन्हें मेरी मदद की जरूरत क्यों है? वे बहुत स्ट्रॉन्ग, सेंसीबल और कम्पलीट इंसान हैं। अपने फैसले लेने में पूरी तरह सक्षम हैं। वे जानती हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं? बुक में यह किस्सा सुमंत मिश्रा की बुक 'मैं अमिताभ बोल रहा हूं' के हवाले से लिखा गया है।

किस्सा नं. 2 : जब अमिताभ को राजनीति में न लाने की चेतावनी दी गई

गांधी और नेहरु के पारिवारिक संबंध उस समय से हैं, जब इंदिरा गांधी की शादी भी नहीं हुई थी। इलाहाबाद में नेहरु परिवार के पुश्तैनी घर आनंद भवन में सरोजनी नायडू ने हरिवंश राय बच्चन-तेजी बच्चन से इंदिरा की मुलाकात कराई थी। यहीं से इंदिरा और तेजी की दोस्ती हुई। लेकिन 80 के दशक में इस दोस्ती में तब दरार आ गई, जब इंदिरा गांधी ने तेजी बच्चन की जगह नरगिस दत्त को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया।

रिपोर्ट्स की मानें तो राजीव गांधी जब 2 साल और अमिताभ बच्‍चन 4 साल के थे, तब दोनों की दोस्ती हुई थी

मेनका गांधी द्वारा निकाली गई मैगजीन सूर्या के एक कॉलम में इस बात का जिक्र का था कि इंदिरा गांधी के फैसले से तेजी काफी नाराज हो गई थीं। दोनों के बीच का रिश्ता काफी लंबे समय तक तनाव भरा रहा। राशिद किदवई की बुक के मुताबिक, गांधी परिवार के करीबी रहे सीनियर कांग्रेस नेता एमएल फोतेदार ने 2015 में अपने संस्मरण में लिखा था कि इंदिरा गांधी ने अपने बेटे राजीव को चेतावनी दी थी कि वे अमिताभ को राजनीति में न लाएं।

उस वक्त राजीव गांधी कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव थे। फोतेदार के मुताबिक, इंदिरा गांधी ने उन्हें और अरुण नेहरु को राजीव गांधी के साथ मीटिंग में बुलाया था। उन्होंने राजीव गांधी को दो काम न करने की सलाह दी थी। पहला कि वे कभी तेजी बच्चन के बेटे (अमिताभ) को राजनीति में न लाएं और दूसरा ग्वालियर के महाराज माधव राव सिंधिया को हमेशा अपने साथ रखें।

किस्सा नं. 3: राजीव राजनीति में भी लाए, फिर इस्तीफा भी मांग लिया

राजीव गांधी ने अपनी मां की चेतावनी को नजरअंदाज किया और 1984 में अमिताभ बच्चन को इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया। फोतेदार के मुताबिक, उन्हें इस बात की जानकारी मिल रही थी कि अमिताभ मंत्राालय में ऑफिसर्स के ट्रांसफर और नियुक्तियों में दखलंदाजी कर रहे थे। कई नेताओं ने भी इस बात की शिकायत की थी। अपने निर्वाचन क्षेत्र का चार्ज बिग बी ने एक ऐसे इंसान को दे दिया था, जिसे लोग गंभीरता से नहीं ले रहे थे।

फोतेदार उस वक्त राजीव गांधी के राजनीतिक सचिव थे। हालांकि, उनकी मानें तो उन्होंने कभी इस बारे में राजीव गांधी को नहीं बताया। लेकिन अमिताभ न सिर्फ उत्तर प्रदेश में, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सरकार में भी दखल देने लगे थे।

करीब 4 साल पहले जर्नलिस्ट शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के प्रोग्राम 'ऑफ द कफ' में अमिताभ ने कहा था- इस बात का अफसोस भी है कि मैं इलाहाबाद की जनता से किए वादे पूरे नहीं कर पाया। जितनी मेरी क्षमता थी, मैंने वादों को पूरा करने की कोशिश की। लेकिन मैं जानता हूं कि इलाहाबाद के लोग मुझे कभी माफ नहीं करेंगे।

अमिताभ के इस्तीफे वाले दिन को याद करते हुए फोतेदार ने बताया, "अमिताभ उस रोज प्रधानमंत्री (राजीव गांधी) से मिलने आए थे। उस वक्त दोपहर करीब 2:45 का समय था और मैं लंच पर जाने वाला था। प्रधानमंत्री ने मुझे बुलाया। फिर हम सेवन रेस कोर्स के अंदर गए। पीएम ने एक चेयर ली और अमिताभ के दाईं ओर बैठ गए। मुझे बाईं ओर बैठने को कहा गया।

इसके बाद बाद पीएम ने अमिताभ से कहा, "फोतेदार जी आपका इस्तीफा चाहते हैं।" मैं हैरान था और जाहिर तौर पर अमिताभ भी हुए होंगे। फिर अमिताभ ने कहा, "अगर फोतेदार जी मेरा इस्तीफा चाहते हैं तो मैं तैयार हूं। पेपर दीजिए और बताइए क्या लिखना है?" इसके बाद अमिताभ ने अपना इस्तीफा लिखा, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया।

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80 के दशक में बच्चन- गांधी परिवार के रिश्ते में दरार की बात सामने आई थी। हालांकि, करीब चार साल पहले एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने कहा था- "बच्चन-गांधी परिवार की दोस्ती किसी भी सूरत में खत्म नहीं हुई। हम अभी भी दोस्त हैं।

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'क्रैकडाउन' को लेकर बोले साकिब सलीम- कोरोनाकाल में शूटिंग करने को लेकर पहले थोड़ी हिचकिचाहट थी, हुमा को अबतक इसे देखने का वक्त नहीं मिला

हाल ही में रिलीज हुई स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज 'क्रैकडाउन' में साकिब सलीम रॉ एजेंट की भूमिका निभाते हुए दिख रहे हैं। जिसे लेकर उन्हें खूब तारीफें मिल रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान उन्होंने कोरोनाकाल में शूटिंग करने से लेकर, एक्शन से जुड़े रोचक किस्से साझा किए।

वेब सीरीज में अपने निभाए किरदार बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 'ये एक स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज है और इसमें हम सभी दुनिया भर में कोवर्ट ऑपरेशन करते हुए नजर आ रहे हैं। मैं एक सीक्रेट एजेंट की भूमिका निभा रहा हूं। अपने इस रोल के लिए मुझे बहुत सारे कॉम्प्लीमेंट मिल रहे हैं। मेरी बहन हुमा भी मेरे इस रोल को लेकर बहुत एक्साइटेड है। हालांकि क्योंकि वो बेल बॉटम की शूटिंग कर रही थी इसीलिए अबतक वो इस सीरीज को नहीं देख पाई है।'

Q- आप काफी सारे एक्शन सीक्वेंसेस में नजर आ रहे हैं? अपने रोल के लिए आपने कैसे तैयारी की थी?

'इस रोल के लिए मुझे अपनी बॉडी पर काफी काम करना पड़ा क्योंकि मैं एक सीक्रेट एजेंट, एक रॉ एजेंट की भूमिका निभा रहा हूं। जिसे फील्ड पर रहना है, दौड़ना भी है, कूदना भी है और लड़ना भी है। बहुत सारे एक्शन सीक्वेंस थे तो मैंने करीब 5 महीने अपनी बॉडी पर काम किया।'

'वैसे तो मैं हमेशा से ही फिट रहा हूं लेकिन इस किरदार में मुझे अपनी बॉडी से बड़ा भी दिखना था। जब इस तरीके की बॉडी मैंने बना ली तब मुझे यह फील हुआ कि मेरी बॉडी बहुत स्टिफ है और एक्शन सीक्वेंस करने के लिए मुझे थोड़ा लचीला होना चाहिए जिसके लिए मैने किक बॉक्सिंग का सहारा लिया। इसके अलावा मैंने 1 महीने तक इस रोल को लेकर वर्कशॉप भी की।'

Q- आपकी सिस्टर हुमा कुरैशी हाल ही में बेल बॉटम की शूटिंग करने के लिए विदेश गई थीं। उनकी सेफ्टी को लेकर आपके पैरेंट्स कितने कंसर्न थे और क्या कुछ बातचीत होती थी?

'दरअसल मैंने और हुमा, हम दोनों ने ही इस कोरोना काल में शूटिंग की है। हम दोनों ने साथ में डिसीजन लिया था कि हम अपनी-अपनी शूटिंग करेंगे लेकिन पूरी सतर्कता के साथ और पूरी एहतियात बरतते हुए। हां शुरुआत में मुझे थोड़ी नर्वसनेस थी यह सोचकर कि क्या होगा, कैसे होगा लेकिन यह हिचकिचाहट भी एक-दो दिन में ही चली गई क्योंकि हम दोनों की फिल्मों के प्रोड्यूसर ने सारे सेफ्टी मेजर अपनाए थे।'

Q- पिछले 2 सालों में थ्रिलर पर आधारित कई वेब सीरीज रिलीज हुई हैं जैसे फैमिली मैन, स्पेशल ऑप्स। क्या कभी लगा कि इन शोज से आपकी वेब सीरीज को कंपेयर किया जा सकता है?

'देखें इन सभी वेब सीरीज की कहानी अलग है। इनको दर्शाया अलग तरीके से गया है। मेरे दिमाग में कभी नहीं आया कि मेरी वेब सीरीज को इस जॉनर की बाकी प्रसिद्ध वेब सीरीज से कंपेयर किया जाएगा। मेरा सिर्फ यह मानना है की ऐसी वेब सीरीज हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है। हेल्थी कॉन्पिटिशन हमेशा होना चाहिए।'

Q- शूटिंग के दौरान आपने क्या चैलेंजेस फेस किए?

'मुझे याद है कि हम इस वेब सीरीज का क्लाइमैक्स शूट कर रहे थे नांदेड़ में एक एयरपोर्ट पर। उस समय वहां बहुत ठंड थी और मेरा सीन शर्टलेस था। उस समय ठंड के मारे मेरी हालत खराब हो गई थी और मैं कंपकंपा रहा था लेकिन अगर आप सीरीज में देखेंगे तो आपको ये पता भी नहीं चलेगा।'

Q- अपने आने वाले प्रोजेक्ट के लिए आपने भूतपूर्व कप्तान मोहिंदर अमरनाथ से ट्रेनिंग ली है क्या कुछ सीखा उनसे?

'मैंने उनसे गाने, खेलने की टेक्निक तो सीखी है लेकिन साथ ही सबसे बड़ी बात सीखी कि लाइफ में हमेशा पॉजिटिव कैसे रहना है। कैसे हर मुश्किल घड़ी में भी खुद को शांत और संयमित बनाकर रखना है। उनके साथ समय बिताकर मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं सिर्फ उनको ऑब्जर्व करता था कि वो कैसे हैं और मैं कैसे उनकी तरह एक्ट कर पाऊंगा।'

Q- आपको कॉमेडी करना ज्यादा मुश्किल लगता है या एक्शन? किसके लिए ज्यादा प्रिपरेशन चाहिए?

'दोनों जॉनर में अपने-अपने चैलेंज होते हैं। जहां कॉमेडी के लिए टाइमिंग महत्वपूर्ण है वहीं एक्शन के लिए सही बॉडी चाहिए। मुझे एक्शन इसीलिए ज्यादा मुश्किल लगता है क्योंकि बॉलीवुड में ऋतिक रोशन , टाइगर श्रॉफ, विद्युत जामवाल जैसे एक्टर्स ने एक्शन की फील्ड में बहुत हाई बेंचमार्क सेट कर दिया है। जिसकी वजह से हम सभी को काफी मेहनत लगती है उनके जैसा एक्शन करने में।'

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Saqib Saleem on 'Crackdown' says There was some hesitation before shooting in Corona period, Huma has not got time to see it yet.

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8 अक्टूबर से 'पृथ्वीराज चौहान' की शूटिंग शुरू करेंगे अक्षय कुमार, होटल में ही रहेंगे सभी क्रू-मेंबर्स कोई घर नहीं जा पाएगा

कोरोना काल में भी अक्षय कुमार काफी एक्टिव हैं और काफी तेजी से फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म 'बेलबॉटम' पूरी करने के बाद अब वे जल्द ही यशराज प्रोडक्शन की फिल्म 'पृथ्‍वीराज चौहान' की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। उनके करीबियों का कहना है कि वे आठ अक्‍टूबर से इस फिल्म के शूट में जुट जाएंगे।

फिल्म की शूटिंग की तैयारी के सिलसिले में मंगलवार से क्रू मेंबर्स का कोरोना टेस्‍ट शुरू हो चुका है और नेगेटिव रिजल्‍ट वालों को ही स्‍टूडियों में एंट्री दी जाएगी। इस दौरान प्रोडक्शन से जुड़े लोगों को स्‍टूडियो के करीब होटल में रुकवाया गया है। पूरा क्रू शूटिंग से पहले और बाद में एक साथ होटल से स्टूडियों तक आना जाना करेगा। तकनीकी तौर पर इसे 'बायो बबल' कहा जाता है।

फिल्म की 30 प्रतिशत शूटिंग होना बाकी

इससे पहले 'पृथ्‍वीराज चौहान' की टीम ने साढ़े छह महीने पहले जयपुर में आउटडोर में एक्‍शन सीक्‍वेंस शूट किया था। सूत्रों ने बताया, 'आठ अक्‍टूबर से अब क्‍लाइमैक्‍स शूट होना है। जिसमें मोहम्‍मद गौरी, पृथ्‍वीराज चौहान को अंधा करवा देता है। वही सीक्‍वेंस फिल्‍माया जाएगा, साथ ही इस दौरान उनकी सेनाओं की लड़ाई भी दिखाई जाएगी। जयपुर तक फिल्‍म का 70 प्रतिशत हिस्‍सा शूट किया जा चुका था। आगे नवंबर तक इसका बाकी बचा 30 प्रतिशत हिस्सा भी शूट किया जाएगा।'

50 लोगों के साथ शूट होंगे वॉर सीक्वेंस

मौजूदा हालातों के चलते वॉर सीक्‍वेंस भी स्‍टूडियो में ही फिल्‍माए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि कोरोना की परिस्थितियों के चलते 50 से ज्‍यादा लोगों को शूटिंग पर नहीं रखा जा सकता। लिहाजा इतनी ही तादाद में वॉर सीक्‍वेंस फिल्‍माए जाएंगे। आम दिनों में ऐसे सीक्‍वेंस 400 से 500 लोगों के साथ शूट होते थे। अभी कम क्रू मेंबर्स के साथ इसे अंजाम दिया जाएगा। आगे पोस्‍ट प्रोडक्‍शन में वीएफएक्‍स की मदद से इसे 1000 की सेना में बदल दिया जाएगा।

बेलबॉटम में जेम्सबॉन्ड की तरह दिखेंगे अक्षय

उधर, 'बेलबॉटम' में अक्षय कुमार अस्‍सी के दशक के जेम्‍सबॉन्‍ड स्‍टाइल का एक्‍शन करते नजर आएंगे। सेट पर मौजूद लोगों ने इसकी पुष्टि की है। उन्‍होंने कहा, 'हमारी फिल्‍म सातवें और आठवें दशक में सेट है। साथ ही यूरोप, चाइना, रशिया, अमेरिका के जासूसों से डील करती है। ऐसे में फिल्‍म के हीरो को इंडियन जेम्‍सबॉन्‍ड सा दिखाया गया है, जो दिमागी एक्‍शन करने में भी माहिर है। हां, मगर आधुनिक तकनीकों से लैस गैजेट्स जैसे गाडि़यां, घडि़यां आदि जो रियल जेम्सबॉन्ड के पास होती हैं वो सब नहीं है।'

फिजिकल एक्शन कम रखा गया

फिल्‍म की एक्‍शन टीम ने फिल्‍म में ब्‍लास्‍ट वाले सीन को कम किया है। वो इसलिए क्योंकि बहुत कम समय में फिल्‍म को शूट करना था। विलेन के साथ हाथापाई भी कम रखी गई है। यहां अक्षय कुमार दिमागी करतबों से दुश्‍मनों से लोहा लेते नजर आएंगे।

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Akshay to raise Prithviraj Chauhan from October 8, Corona test of crew members from Tuesday, no one will go home, stay in the hotel near the studio

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शुरुआत में रोहित शेट्टी और राजकुमार हिरानी की कॉमेडी और फील गुड फिल्‍में दिखाने पर रहेगा जोर, दीपावली के आसपास रिलीज होंगी बड़ी फिल्में

केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक 5.0’ की घोषणा करते हुए 15 अक्‍टूबर से सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत भी दे दी है। दैनिक भास्‍कर को मिली जानकारी के मुताबिक देशभर के सिनेमाघर पहले रोहित शेट्टी, राजकुमार हिरानी, अमिताभ बच्‍चन और क्रिस्‍टोफर नोलन की फिल्‍में रिलीज करेंगे। नए कंटेंट के तौर पर दीपावली के आसपास से सूर्यवंशी, लक्ष्‍मी बम, कुली नंबर 1 जैसी फिल्मों को पहले रिलीज किया जाएगा।

ट्रेड एनालिस्‍ट और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर राज बंसल ने कहा, 'सिनेमाघर संचालकों को 15 दिन का समय मिल गया है। लिहाजा इस पीरियड में वो अपनी प्रॉपर्टी की साफ सफाई, सैनिटाइज आदि कर लेंगे। 50 प्रतिशत सीटों की ही अनुमति है तो उनमें कैसे सीटिंग होनी है, वे सब तैयारियां हो जाएंगी।'

पुरानी फिल्मों से होगी शुुरुआत

आगे उन्होंने कहा, 'थिएटर खुलने के बाद शुरूआत छोटे बजट वाली पुरानी फिल्‍मों से होंगी। खासकर जो छोटे सेंटर्स हैं, वहां ‘धूम’, ‘गोलमाल’, ‘मुन्‍नाभाई’ टाइप की जो पिक्‍चरें हैं, वे रिलीजें होंगी। ‘हेराफेरी’ जैसी फिल्में भी सिनेमाघर वाले डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों से राइट्स लेकर रिलीज करेंगे।'

'हाल के महीनों में ओटीटी पर आई फिल्‍में जैसे ‘गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल’ से लेकर ‘गुलाबो सिताबो’, ‘इंग्लिश मीडियम’ भी यहां रिलीज हो सकती हैं। मगर ये सब एकाध शो में रिलीज से शुरू करेंगे। थाह लेने की कोशिश करेंगे कि लोग इन फिल्‍मों को बड़े पर्दे पर देखना चाहेंगे क्‍या।'

सिनेमाघरों को मिलेगी पूरी मदद

जानकारों का कहना है कि सिनेमाघर वालों की चौतरफा मदद होगी। ना सिर्फ डिस्‍ट्रीब्‍यूटर, बल्कि प्रोजेक्‍टर में सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली यूएफओ जैसी कंपनियां भी सहायता को राजी हैं। वो प्रोड्यूसरों से वसूली जाने वाले वचुर्अल प्रिंट फीस में कटौती करेंगे। उसके चलते प्रोड्यूसर सिनेमाघर संचालकों से कम रकम वसूलेंगे।

रिलिज्‍ड, डब्‍ड और रीजनल लैंग्‍वेज वाली फिल्‍मों से सिनेमाज ओपन होंगेः कोमल नाहटा

ट्रेड एनालिस्‍ट कोमल नाहटा के शब्‍दों में 'शुरू में तो रिलिज्‍ड, डब्‍ड और रीजनल लैंग्‍वेज वाली फिल्‍मों से सिनेमाज ओपन होंगे। छोटी फिल्‍मों को भी रिलीज किया जाएगा। जाहिर तौर पर ‘सूर्यवंशी’ दिवाली से पहले तो आएगी नहीं। ‘83’ क्रिसमस से पहले नहीं आएगी। साथ में दीपावली से एक महीने पहले तक ये अंदाजा भी हो जाएगा कि ऑडियंस किस तादाद में सिनेमाघरों में आ रही है।'

फिलहाल सबका मकसद सिर्फ एक है

आगे उन्होंने कहा, 'ऐसे में 15 अक्‍टूबर से दीपावली तक के वक्त में ‘बागी 3’ और ‘इंग्लिश मीडियम’ के अलावा हॉलीवुड से 'टेंनेंट', 'मुलान' आदि की रिलीज मुमकिन है। यह भी संभव है कि 'टेनेंट' का हिंदी वर्जन ही सिर्फ रिलीज हो। सबका मकसद एक है, किसी तरह काम फिर से शुरू हो। कमाई का कोई नहीं सोच रहा है। लोगों को वापस सिनेमाघर आने की आदत डलवाने पर जोर होगा।'

यशराज की भी कुछ फिल्में तैयार हैं

'रिवाइज्‍ड टर्म्‍स पर फिल्‍में रिलीज होंगी। यशराज की भी कुछ फिल्‍में रेडी हैं तो उन्‍हें भी लिया जा सकता है। सलमान वगैरह भी दीपावली तक के पीरियड पर नजर रखेंगे। चूंकि म‍हाराष्‍ट्र, तमिलनाडु में 30 अक्‍टूबर तक बंद है। हिंदी फिल्‍मों के लिहाज से महाराष्‍ट्र बड़ी टेरेटरी है, तो यह पहलू भी देखना दिलचस्प होगा।'

डिस्ट्रीब्यूटर्स सिनेमाघरों से कुछ एडवांस नहीं मांग रहेः कुमार आदर्श

सिंगल स्‍क्रीन बिरादरी से इंडियन स्‍टैंडअलोन सिने थिएटर गिल्‍ड फाउंडर के जनरल सेक्रेटरी कुमार आदर्श ने कहा, 'हम लोग ‘गुलाबो सिताबो’, ‘इंग्लिश मीडियम’ जैसी पिछली पहले से ही रिलीज हो चुकी फिल्‍मों से शुरू करेंगे। सिंगल स्‍क्रीन वालों को प्रोड्यूसर्स और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स से सहायता के पूरे आश्‍वासन मिले हैं। वे सिनेमाघर वालों से कोई एडवांस पैसा डिमांड नहीं कर रहे हैं। नए कंटेंट के तौर पर पूरा भरोसा है कि ‘खाली-पीली’, ‘लक्ष्‍मी बम’, ‘कुली नंबर 1’ भी सिनेमाघरों में रिलीज रहने की पूरी संभावना रहेगी।'

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From October 15 cinemas will be buzzing with Rohit Shetty, Rajkumar Hirani, Big B and Christopher Nolan's films Comedy and feel good films will be emphasized

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राजेश शर्मा बोले- ‘उधार की सिगरेट’ ने सुशांत संग बनाया था जादुई कनेक्‍शन, क्रांति प्रकाश झा ने कहा- सुशांत और मैं एक-दूसरे को भइबा से संबोधित करने लगे थे

सुशांत सिंह राजपूत के करियर की सबसे हिट फिल्मों में से एक 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' को रिलीज हुए बुधवार को 4 साल पूरे हो गए। ये फिल्म 30 सितंबर 2016 को रिलीज हुई थी। इस खास मौके पर दैनिक भास्कर ने फिल्म में सुशांत के साथ काम कर चुके कुछ कलाकारों से बात की और सुशांत से जुड़े उनके अनुभव को जाना।

राजेश शर्माः ‘उधार की सिगरेट’ ने सुशांत संग बनाया था जादुई कनेक्‍शन

फिल्म में धोनी के स्कूल कोच के रूप में नजर आए राजेश शर्मा ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, 'धोनी के कोच भी सेट पर थे। नीरज पांडे जी ने उनसे मिलवाया था। कोच बिल्‍कुल मुझ से विपरीत पर्सनालिटी के लग रहे थे। कद काठी, रंग, सूरत किसी भी तरह से कोई मेल नहीं था। फिर भी डायरेक्‍टर ने मुझ पर भरोसा किया था तो मुझ में ताकत आई। मैंने फिर बिना किसी झिझक के धोनी के कोच का रोल प्‍ले किया।'

आगे उन्होंने कहा, 'दूसरी चीज यह रही कि इस फिल्‍म में सुशांत के साथ केमिस्‍ट्री पहले से ही बनी हुई थी। उसकी वजह पुरानी थी। इससे पहले हम दोनों फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ में भी साथ काम कर चुके थे। वहां शूट के दौरान सुशांत ने बहुत हिचकिचाते हुए सिगरेट मांगी थी। उसके बाद हमारी मुलाकात धोनी के सेट पर हुई।'

'मैं सेट पर जल्‍दी पहुंच गया था। सुशांत बाद में अपनी गाड़ी से उतरे। उनके हाथों में सिगरेट थी। वे स्‍पॉट पर सिगरेट नचाते हुए मेरे पास आए और बोले सर आप की एक सिगरेट उधार है। उसके बाद हम कभी उनकी तो कभी वह हमारी सिगरेट पिया करते थे।'

'फिर रांची में एक बड़ा उम्‍दा होटल था। वहां कबाब बड़ा अच्‍छा मिलता था। वहां सुशांत कबाब खिलाने ले गए थे। अनुपम खेर जी भी उस स्‍पॉट पर हमें ले जाते थे। फिर नाश्‍ते वगैरह पर हमारी मुलाकातें हुआ करती थीं। कुल मिलाकर सुशांत खाने खिलाने के बड़े शौकीन थे।'

राजेश शर्मा।

आगे राजेश ने कहा, 'सुशांत सिंगल टेक में सीन ओके नहीं करते थे। कई बार डायरेक्‍टर के साथ ओके होने के बावजूद वो कहते रहते कि एक बार और करते हैं। शूट के ब्रेक में फिल्‍मों से ज्‍यादा म्‍यूजिक पर ज्‍यादा बातचीत होती थी। संगीत का उन्‍हें बड़ा शौक था। उन्‍हें मेरी ‘नो वन किल्‍ड जेसिका’ और ‘लव शव ते चिकन खुराना’ पसंद आई थी।'

'सेट पर हम लोग सिगरेट के कश लगाते थे, मगर हां बाकी कभी लगा नहीं कि वो एब्नॉर्मल थे या डिप्रेशन में थे या उन्‍हें बाकी नशे की आदत थी। बिल्‍कुल नहीं। मेरा इससे भी बड़ा ऐतराज है कि लोग किसी की व्‍यक्तिगत आदतों को उसके प्रोफेशन से क्‍यों जोड़ते हैं।'

'बहरहाल, इस फिल्‍म पर सबने मेहनत की थी। सुशांत का समर्पण भी मिसाल के लायक था। धोनी की वॉक, उनकी आदतों को जिस खूबी से उन्‍होंने आत्‍मसात किया था, वो अपने आप में बहुत बड़ी बात थी। उन्‍होंने कई हजार बार धोनी के वीडियोज देखें, सैकड़ों मुलाकातें कीं, तब उनकी तरह फिल्‍म में प्रेजेंट हो सके। समझा जा सकता है कि वो कैरेक्‍टर को लेकर कितने डेडिकेटेड थे।'

क्रांति प्रकाश झाः धोनी फिल्‍म से सुशांत और मैं एक दूसरे को भइबा से संबोधित करने लगे थे

फिल्म में सुशांत के दोस्त के रूप में नजर आए क्रांति ने बताया, 'फिल्‍म और सुशांत को लेकर ढेर सारे किस्‍से हैं। फिल्‍म में एक सीन है जब धोनी के अवतार में हम लोग सुशांत को कोलकाता एयरपोर्ट छोड़ने जाते हैं। रांची के आगे एक लोकेशन थी, जहां दिल के शेप वाले स्‍पॉट पर हम सब रूके। गाड़ी से उतरे और काफी बातें कीं। संघर्षों से लेकर अध्‍यात्‍म आदि को लेकर बातें होती थीं।'

'मुंबई में हम एक और सीक्‍वेंस शूट कर रहे थे। वहां सुशांत ने अपने सपनों के बारे में सबको बताया था। उस वक्‍त वो ‘चंदामामा’ करने वाले थे। इन दो वाकयों से समझा जा सकता है कि वो किस तरह के इंसान थे। हम दोनों एक-दूसरे को भइबा से संबोधित करते थे।

फिल्‍म के लिए हेलीकॉप्‍टर शॉट पर तो भइबा काफी दिनों से प्रैक्टिस कर रहे थे। सच कहूं तो उन्‍होंने मुझे भी उस शॉट की बारीकियां बताईं। वो सीक्‍वेंस फिल्‍माने के बाद सेट पर बड़ा बेहतरीन माहौल रहा। उनके घर भी आना जाना होता था। रिलीज के बाद मैं बिहार अपने घर आया था। वहां से मुंबई लौटा तो ठेकुआ, सिंघाड़ा लेकर आया था। हमने तीन चार घंटे साथ बिताए थे। पटना की ढेर सारी बातें याद कीं। फिर साल 2016 के बाद उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। मैसेज पर बातें हो पाती थीं।

क्रांति प्रकाश झा और सुशांत।

शूट के दौरान तो वो कभी डिप्रेशन में नहीं लगे। बहुत सारे अंदाजे लगाए जा रहे हैं, मैं भी लगाऊं तो वह सही नहीं होगा। सेट पर बड़े जॉली रहते थे। मेरी वेब सीरिज आई थी 'रक्‍तांचल'। उस वक्‍त उनको मैसेज किया था, मगर उनका नंबर बदलता रहा होगा, तो शायद उन तक पहुंच नहीं पाया। लिहाजा उनकी तरफ से कोई रिप्‍लाई नहीं आया।'

(जैसा दोनों कलाकारों ने अमित कर्ण को बताया)

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Sushant Singh Rajput film MS Dhoni The Untold Story completes four years. Co-Star of film shares their experience with sushant

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सतीश मानशिंदे के आरोपों पर एनसीबी ने जारी किया बयान, बताया- क्षितिज के घर से ड्रग्स मिला था, टॉर्चर होते तो कोर्ट में जिक्र करते

एनसीबी ने क्षितिज रवि प्रसाद के वकील सतीश मानशिंदे द्वारा लगाए गए आरोपों पर दी सफाई है। एनसीबी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस रिलीज जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ये दुर्भावनापूर्ण तरीके से बेहद गलत बात की गई है।

नारकोटिक्स की मुम्बई यूनिट ने क्षितिज रवि प्रसाद के घर से बरामद ड्रग की मात्रा के बाद ही उन्हें कानूनी तरीके से अरेस्ट किया है। इसके साथ ही उनके वकील और परिवार (उनकी माँ) को भी कानूनी तौर से बताया गया था। एनसीबी ने साफ किया कि हमने उनकी पत्नी और ससुर को भी मिलने की इजाजत दी थी।

नारकोटिक्स ने अपनी सफाई में ये भी बताया है कि क्षितिज जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसकी जानकारी संबंधित कोर्ट के संज्ञान में भी लाई गई थी। इसी आधार पर हमने मेडिकल चेकअप के बाद उनकी पुलिस रिमांड ली थी।

सतीश ने एनसीबी पर लगाए थे ये आरोप

बॉलीवुड ड्रग केस में गिरफ्तार किए गए क्षितिज के वकील ने एनसीबी पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसमें सतीश ने कहा था कि नारकोटिक्स के अधिकारियों ने क्षितिज को झूठा बयान देने के लिए दबाव बनाया था, ताकि वह बयान में करण जौहर, सोमेन मिश्रा, राखी, अपूर्वा, नीरज, राहिल, जैसी सेलेब्रिटीज का नाम शामिल कर लें।

जब क्षितिज ने इन सबसे इनकार कर दिया तब समीर वानखेड़े ने कहा कि वो उसको सबक सिखाएंगे और उसको अपनी कुर्सी के बगल फर्श पर बैठ दिया और उसके चेहरे पर अपना जूता रख दिया। सतीश ने ये भी आरोप लगाए थे कि क्षितिज के घर से कुछ भी बरामद नही हुआ था लेकिन पुलिस ने सिगरेट की बट का पंचनामा गांजे के जॉइंट के रूप में दिखाया है। जिसकी चर्चा तमाम मीडिया हाउस से लेकर सोशल मीडिया तक छाई रही।

कोर्ट में क्षितिज ने नहीं किया था टाॅर्चर का जिक्र

पुलिस हिरासत के बाद जब उन्हें दोबारा कोर्ट के सामने हाजिर किया गया था तो कोर्ट ने भी इस तरह के किसी भी बुरे बर्ताव को नोटिस में नहीं लिया था। जिससे साफ होता है कि एनसीबी की हिरासत में क्षितिज को किसी भी तरह की शारीरिक प्रताड़ना नहीं दी गई थी।

इतना ही नही, क्षितिज ने खुद भी इस तरह के किसी दुर्व्यवहार का जिक्र नहीं किया था। एनसीबी ने मीडिया की खबरों को पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद बताया है। नारकोटिक्स विभाग ने कहा कि ये सच से परे है।

एनसीबी ने अपनी सफाई तो दे दी है लेकिन बॉलीवुड के इस हाई प्रोफाइल केस में आगे भी इस तरह के आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर चलता रहेगा। ऐसे में नारकोटिक्स विभाग को भी उन गलतियों से बचना होगा जो मुम्बई पुलिस ने की थी।

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NCB issued a statement on the allegations of Satish Manashinde

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सीरियल 'अनुपमा' के एक्टर सुधांशु पांडे बोले- साढ़े तीन महीने तक घर में रहने से काफी कुछ बदल गया, पहले प्राइवेसी बहुत पसंद थी

कोरोना महामारी के कारण टेलीविजन शोज की शूटिंग के तरीके में भी काफी बदलाव आ गया है। कोविड से पहले जो एक्टर्स शूटिंग से ब्रेक के दौरान एक साथ बैठकर खाना खाते थे, वे अब कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर सेट पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कर रहे हैं। हालांकि सीरियल 'अनुपमा' के एक्टर्स ने इसका तोड़ निकाल लिया है।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान शो में वनराज शाह का मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता सुधांशु पांडे ने बताया कि COVID 19 ने कैसे उन्हें अपनी टीम के काफी करीब ला दिया।

मैं उन अभिनेताओं में से एक हूं जिसे अपनी प्राइवेसी पसंद हैं: सुधांशु पांडे

वे बताते हैं, 'मैं उन अभिनेताओं में से एक हूं जिसे अपनी प्राइवेसी पसंद हैं। सेट पर भी मैं उन लोगों में से एक रहा हूं, जो आवश्यकता नहीं होने पर अपनी वैनिटी वैन से बाहर नहीं निकलते। मैंने हमेशा अपना खाना अकेले खाया है और हमेशा से ऐसा ही रहा है। लेकिन COVID और साढ़े 3 महीनों तक घर में बंद रहने से चीजें बदल गईं हैं।'

आगे उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा रूपाली और सभी को एक साथ बैठकर खाना खाते देखा। इसीलिए मैं भी एक-दो बार उनके साथ बैठा और मुझे काफी अच्छा लगा। बाकी कलाकारों के साथ चैट करने और साथ में हंसने और इनपुट शेयर करने से एक अद्भुत बदलाव महसूस हुआ। यह एक शानदार अनुभव है। यह एक ऐसी आदत बन गई है कि मैं अब अकेले बैठकर खाना नहीं खा सकता।'

सुधांशु आगे बताते हैं, 'सोशल डिस्टेंसिंग ने हमारे लिए बहुत कुछ बदल दिया है। हम पहले की तरह शूटिंग नहीं कर रहे हैं। हम अपने शरीर, अपने कपड़ों की सफाई कर रहे हैं। लेकिन ना हम हाथ मिलाते हैं और ना किसी के गले लगते हैं। तकनीशियन पूरे दिन मास्क पहने हुए रहते हैं और अभिनेता केवल तभी इसे उतारते हैं जब वे शॉट दे रहे होते हैं। यह अब सामान्य हो गया है और ऐसा नहीं है कि इससे मेरे जीवन पर फर्क पड़ रहा है।'

सीरियल 'अनुपमा' के एक्टर्स।

हम अपनी बॉन्डिंग पर समझौता नहीं करते हैं: आशीष मल्होत्रा

अभिनेता आशीष मेहरोत्रा ने बताया, 'मुझे याद है कि लॉकडाउन से पहले हम सभी एक साथ बैठकर खाना खाते थे। अब हम यह भी मानते हैं कि जब हम एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो हम अपने विचारों को बेहतर ढंग से शेयर कर सकते हैं। चूंकि यह एक पारिवारिक शो है, यह वास्तव में सभी की मदद करता है।'

'लॉकडाउन के बाद हमने सावधानी बरती है। हम वो खाना खाते हैं जो हमें अपने घरों से मिलता है। हम अपने हाथों को सैनिटाइज करते हैं। खाने से पहले हम अपना खाना शेयर करते हैं। जो कोई भी खाना चाहता है, हम उसे इस तरह से शेयर करते हैं कि वे इसे ले सकें।'
'एक बार जब हम खाना शुरू करते हैं, तो हम शेयर नहीं करते। हम अपनी बॉन्डिंग पर समझौता नहीं करते हैं। हम सभी के बीच काफी दूरी भी है। यह सबसे अच्छा समय है क्योंकि ये 40 मिनट, हम बात करते हैं, हम शांत होते हैं और बहुत सारे विचार एक-दूसरे से शेयर करते हैं।'

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Actor Sudhanshu Pandey said of serial 'Anupama' - a lot changed by staying at home for three and a half months, earlier the privacy was very much like

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दुनिया को 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गाने दिए, लेकिन पिता के सामने गाने से डरती थीं लता दीदी

'भारत रत्न' लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। बकौल लता जी, 'पिताजी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती'...ये मानने वाली महान गायिका लता मंगेशकर लंबे समय तक पिता के सामने गाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थीं। फिर परिवार को संभालने के लिए उन्होंने इतना गाया कि सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान 'गिनीज बक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 1974 से 1991 तक हर साल अपने नाम दर्ज कराती रहीं। 91वें जन्मदिन पर लताजी से जुड़े कुछ खास किस्से।

लता जब गातीं तो मां डांटकर भगा देती थीं

लता मानती हैं कि पिता की वजह से ही वे आज सिंगर हैं, क्योंकि संगीत उन्होंने ही सिखाया। जानकर आश्चर्य हो सकता है कि लता के पिता दीनानाथ मंगेशकर को लंबे समय तक मालूम ही नहीं था कि बेटी गा भी सकती है। लता को उनके सामने गाने में डर लगता था। वो रसोई में मां के काम में हाथ बंटाने आई महिलाओं को कुछ गाकर सुनाया करती थीं। मां डांटकर भगा दिया करती थीं कि लता के कारण उन महिलाओं का वक्त जाया होता था, ध्यान बंटता था।

पिता के शिष्य को सिखाया था सही सुर

एक बार लता के पिता के शिष्य चंद्रकांत गोखले रियाज कर रहे थे। दीनानाथ किसी काम से बाहर निकल गए। पांच साल की लता वहीं खेल रही थीं। पिता के जाते ही लता अंदर गई और गोखले से कहने लगीं कि वो गलत गा रहे हैं। इसके बाद लता ने गोखले को सही तरीके से गाकर सुनाया। पिता जब लौटे तो उन्होंने लता से फिर गाने को कहा। लता ने गाया और वहां से भाग गईं। लता मानती हैं 'पिता का गायन सुन-सुनकर ही मैंने सीखा था, लेकिन मुझ में कभी इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनके साथ गा सकूं।'

सच हो गई पिता की भविष्यवाणी

इसके बाद लता और उनकी बहन मीना ने अपने पिता से संगीत सीखना शुरू किया। छोटे भाई हृदयनाथ केवल चार साल के थे जब पिता की मौत हो गई। उनके पिता ने बेटी को भले ही गायिका बनते नहीं देखा हो, लेकिन लता की सफलता का उन्हें अंदाजा था, अच्छे ज्योतिष जो थे।

लता के मुताबिक उनके पिता ने कह दिया था कि वो इतनी सफल होंगी कि कोई उनकी ऊंचाइयों को छू भी नहीं पाएगा। साथ ही लता यह भी मानती हैं कि पिता जिंदा होते तो वे गायिका कभी नहीं बनती, क्योंकि इसकी उन्हें इजाजत नहीं मिलती।

13 की उम्र से संभाला परिवार

पिता की मौत के बाद लता ने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अपनी बहन मीना के साथ मुंबई आकर मास्टर विनायक के लिए काम करने लगीं। 13 साल की उम्र में उन्होंने 1942 में 'पहिली मंगलागौर' फिल्म में एक्टिंग की। कुछ फिल्मों में उन्होंने हीरो-हीरोइन की बहन के रोल किए हैं, लेकिन एक्टिंग में उन्हें कभी मजा नहीं आया। पहली बार रिकॉर्डिंग की 'लव इज ब्लाइंड' के लिए, लेकिन यह फिल्म अटक गई।

ऐसे मिला पहला बड़ा ब्रेक

संगीतकार गुलाम हैदर ने 18 साल की लता को सुना तो उस जमाने के सफल फिल्म निर्माता शशधर मुखर्जी से मिलवाया। शशधर ने साफ कह दिया ये आवाज बहुत पतली है, नहीं चलेगी'। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म 'मजबूर' के गीत 'अंग्रेजी छोरा चला गया' में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और 'अनारकली', 'जिद्दी' जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए।

कभी अचार-मिर्च से नहीं किया परहेज

करियर के सुनहरे दिनों में वो गाना रिकॉर्ड करने से पहले आइसक्रीम खा लिया करती थीं और अचार, मिर्च जैसी चीजों से भी उन्होंने कभी परहेज नहीं किया। उनकी आवाज हमेशा अप्रभावित रही। 1974 में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म करने वाली वे पहली भारतीय हैं।

अपने सफर को जब लता याद करती हैं तो उन्हें अपने शुरुआती दिनों की रिकॉर्डिंग वाली रातें भुलाए नहीं भूलतीं। तब दिन में शूटिंग होती थी और रात की उमस में स्टूडियो फ्लोर पर ही गाने रिकॉर्ड होते थे। सुबह तक रिकॉर्डिंग जारी रहती थी और एसी की जगह आवाज करने वाले पंखे होते थे।

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लता जी सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान 'गिनीज बक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 1974 से 1991 तक हर साल अपने नाम दर्ज कराती रहीं।

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उदित नारायण बोले- लता दीदी ने जब पहली बार स्टेज शो के लिए बुलाया था तो रात भर सो नहीं पाया था, DDLJ की रिकॉर्डिंग के वक्त उन्हें सामने देखकर नर्वस हो रहा था

स्वर कोकिला लता मंगेशकर आज 91 साल की हो गईं। उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर पर हुआ था। वे पांच भाई-बहनों के बीच सबसे बड़ी हैं। इस खास मौके पर बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण ने लता दीदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके साथ काम करने का अपना अनुभव दैनिक भास्कर के साथ साझा किया है। उन्होंने बताया कि लता दीदी के साथ गाना गाना ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा अवॉर्ड है।

उदित नारायण ने कहा, 'सबसे पहले तो साक्षात सरस्वती, भारत रत्न, कोकिला कंठ को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां देना चाहता हूं। पांच-छह साल की उम्र में सरपंच, मुखिया के यहां ट्रांजिस्टर पर दूर खड़ा होकर गाने सुना करता था तो सोचता था कि इसके अंदर बैठकर ये लोग इतना सुंदर कैसे गाते हैं। खैर, काफी संघर्ष करने के बाद मुंबई आया।'

लता दीदी के साथ काम करना भारत रत्न मिलने जैसा

'अपनी जनरेशन में मैंने लता मंगेशकर के साथ सबसे ज्यादा तकरीबन दो-ढाई सौ फिल्मों में गाने गाए हैं। यह मेरे लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है। मुझे भारत सरकार ने 2009 में 'पद्मश्री' और 2016 में 'पद्म भूषण' दिया, लेकिन लता जी के साथ मुझे जो इतना काम करने का मौका मिला वही मेरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है। मैं तो समझता हूं कि मुझे भारत रत्न मिल गया। लता जी के साथ कई बार स्टेज शेयर करने का मौका मिला।'

लता दीदी ने स्टेज शो करने के लिए बुलाया तो रात भर सो नहीं पाया

'यह बात 1 दिसंबर, 1992 की है। लता जी ने लोगों से कहा कि इस शो में मुझे उदित नारायण चाहिए। मुझे जब खबर मिली कि लता दीदी ने इस तरह की बातें की हैं, तब खुशी के मारे रात भर सो नहीं पाया। सौभाग्य से 1 दिसंबर को मेरा जन्मदिन भी रहता है। जब गाने के लिए गया तो उन्होंने अनाउंसर हरीश भिमाणी जी से कहा कि स्टेज पर मुबारकबाद देने के बाद मेरी तरफ से उन्हें 'प्रिंस आफ प्लेबैक सिंगिंग' का टाइटल दे देना। इतना ही नहीं उन्होंने मुझे गोल्ड की एक चैन भी स्टेज पर भेंट की थी।'

DDLJ की रिकॉर्डिंग के समय लता दीदी को देख नर्वस हो रहा था

'फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का गाना- मेहंदी लगा के रखना... गा रहा था तब तक स्टूडियो में मेरे सामने आकर लता दीदी बैठ गईं। उन्हें सामने देखकर मैं नर्वस हो रहा था। मैंने कहा- दीदी आप सामने बैठी रहेंगी तो मैं कैसे गा पाऊंगा। उन्होंने कहा- मैं तुम्हें ही सुनने के लिए यहां आई हूं। लेकिन उनके सामने गाना गा पाना मेरे लिए संभव नहीं था। फिर उन्होंने कहा आप कुछ भी कर लो, लेकिन आज मैं यहां बैठकर आपका गाना सुनूंगी।'

'खैर जब लगा कि मैं नर्वस हो जाऊंगा, तब वे मुझे जोक वगैरह सुनाने लगीं। बाद में यश चोपड़ा जी आए। उन्होंने खाना वगैरह मंगाया। हम सबने साथ में खाना खाया बाद में वे रिकॉर्डिंग रूम के पास चली गईं और कहा कि मैं यहां बैठकर आपका गाना सुनूंगी। फिर मैंने मेहंदी लगा के रखना... गाना गाया था।'

भोली सी सूरत... गाने में लता जी का सिर्फ आलाप है

'उस जमाने में लता जी कई बार फिल्ममेकर से अपने साथ गाने के लिए मेरा नाम लेती थीं। भोली सी सूरत आंखों में मस्ती दूर खड़ी शर्माए... गाना माधुरी दीक्षित और शाहरुख खान पर फिल्माया गया है। यह मेरा सोलो गाना था, लेकिन इसमें लता जी सिर्फ आलाप दे रही हैं। दरअसल सिचुएशन ही ऐसी थी कि फिल्म में शाहरुख खान गाना गाते हैं और माधुरी दीक्षित बीच-बीच में आलाप करती हुई दिखाई देती है।'

घर पर आईं तो कहने लगीं एक चाय और हो जाए

'वीर-जारा' के गाने जानम देख लो मिट गई दूरियां... में स्वर्गीय मदन मोहन जी का म्यूजिक था, जिसे मैंने गाया था। जब लता जी ने यह गाना सुना तो मुझे फोन करके कहने लगीं, आपको बहुत-बहुत बधाई हो। आपने मदन भैया का गाना बहुत अच्छा गाया है। उनसे तारीफ सुनकर मैं सोच में पड़ गया। फिर उन्होंने बताया मैं स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करने आई हूं।

मैंने उनसे गुजारिश की कि आप मेरे घर के पास में ही हैं। घर पर आकर आपका आशीर्वाद मिल जाए तो खुद को सौभाग्यशाली समझूंगा। खैर पहले तो मना करने लगी, लेकिन 2 घंटे बाद देखा तो उनकी गाड़ी मेरे घर के सामने आकर खड़ी हो गई।

दीदी घर पर आईं तो हम सबने मिलकर साथ में चाय पी और पोहे खाए। उस समय मेरे माताजी-पिताजी घर पर आए हुए थे, तब दीदी ने उनसे लगभग 4 घंटे तक बातें की। जाने का वक्त हुआ, तब कहने लगे कि दार्जिलिंग की एक चाय और हो जाए। खैर, उनका आशीर्वाद पाकर अभिभूत रहा। जाते वक्त उनके चरणों में अपना माथा रखकर आशीर्वाद लिया।

मुझे 'दिल तो पागल है', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'वीर-जारा', 'सातवां आसमान', 'दुश्मन' समेत कई अन्य फिल्मों में उनके साथ गाने का सौभाग्य मिला।'

(जैसा उदित नारायण ने उमेश कुमार उपाध्याय को बताया)

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Udit Narayan said - When Lata Didi was called for a stage show for the first time, she could not sleep through the night, she was nervous to see him in front of DDLJ recording.

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दीपिका, सारा और श्रद्धा से आज NCB पूछताछ करेगा, 15 सवाल किए जा सकते हैं; इस दौरान दीपिका के साथ रणवीर को रहने की इजाजत नहीं

टाइम्स मैगजीन की 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में नाम दर्ज करवा चुकी एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण आज सुबह 10 बजे ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए गेटवे ऑफ इंडिया के पास स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी) के गेस्ट हाउस पहुंचने वाली है। एनसीबी की एक टीम पहले दीपिका से अकेले में और फिर उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश को उनके सामने बैठकर पूछताछ कर सकती है।

दूसरी और एनसीबी के बैलार्ड एस्टेट स्थित मुख्य ऑफिस पर एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर और सारा अली खान को सुबह 10.30 बजे के बाद बुलाया गया है। दोनों से पहली बार पूछताछ होने वाली है।

ड्रग्स मामले में ऐसे इन 3 बड़ी एक्ट्रेस का नाम

दीपिका पादुकोण: व्हाट्स ऐप की एक ग्रुप चैट में एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, सुशांत की टैलेंट मैनेजर जया साहा और करिश्मा प्रकाश के बीच 28 अक्टूबर 2017 की ड्रग्स को लेकर बातचीत सामने आई थी। इसमें दीपिका ने 'हैश' और 'वीड' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए करिश्मा से माल(ड्रग्स) की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस व्हाट्स ऐप ग्रुप की एडमिन भी दीपिका पादुकोण को ही कहा जा रहा है।

सारा अली खान: रिया चक्रवर्ती ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि सारा अली खान फिल्म केदार नाथ के समय से सुशांत के करीब थीं और सुशांत की ड्रग्स पार्टी में भी वे शामिल हुईं थी। इसके अलावा सुशांत के पावना स्थित फार्म हाउस में हुई ड्रग्स पार्टी में भी वे शामिल हुईं थीं। वहां के एक नाव वाले ने भी इसकी पुष्टि की है। एनसीबी को इस फार्महाउस से नशे के कई सामान मिले हैं।

श्रद्धा कपूर: ड्रग्स केस में 3 बार एनसीबी की पूछताछ का हिस्सा रह चुकी जया साहा और श्रद्धा कपूर के बीच कुछ चैट सामने आये हैं। इसमें एक्ट्रेस सीबीडी ऑइल की डिमांड रख चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक ड्रग पैडलर करमजीत ने श्रद्धा को जानने और उन घर तक कार से ड्रग्स पहुंचाने की बात को भी कबूला है।

तीनों एक्ट्रेस से पूछे जा सकते हैं ये 5-5 सवाल

दीपिका, सारा-श्रद्धा से पूछताछ के लिए एनसीबी की तीन टीमें बनाई गई हैं। यह संभावना है की एनसीबी तीनों के बयान कैमरे पर रिकॉर्ड करे।

दीपिका पादुकोण

क्या आपने कभी ड्रग्स लिया या इसकी खरीददारी की है? अगर हां, तो कहां से और कैसे, किसने आपके इसे बेचा?

अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म कीजिए। करिश्मा प्रकाश और जया साहा के साथ 2017 की यह चैट आपकी है या नहीं?

आपके यहां काम करने से पहले आप करिश्मा को जानती थीं? या आपकी उनसे मुलाकात कैसे हुई डिटेल में बताएं।

क्या आपने उन्हें कभी ड्रग्स का इंतजाम करने को कहा था या आपने उन्हें कितनी बार ड्रग्स खरीदने के लिए कहा? क्या आपने ड्रग्स अपने लिए खरीदा या किसी और के लिए?

करिश्मा को अपने पेमेंट दी थी? अगर हां तो उसका मोड़ क्या था? कोको रेस्टोरेंट में जो पार्टी हुई थी क्या उसमें किसी तरह के ड्रग्स का सेवन हुआ था?

सारा अली खान

अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म कीजिए। सुशांत सिंह राजपूत से आपकी मुलाकात कैसे हुई और उनसे आपका क्या रिलेशन था?

सुशांत क्या फिल्म केदारनाथ के समय से ड्रग्स ले रहे थे? उनके साथ क्या आपने भी कभी इसका सेवन किया?

क्या आप सुशांत के साथ थाईलैंड गईं थीं? वहां क्या आप लोगों ने ड्रग्स लिया या आपकी टीम में से किसी ने ड्रग्स का सेवन किया?

पावना स्थित फार्म हाउस आप सुशांत के साथ कितनी बार गईं हैं? क्या आप किसी ऐसी पार्टी में शामिल हुईं जिसमें ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ?

क्या कभी आपने किसी से ड्रग्स खरीदा? करमजीत उर्फ केजे नाम के शख्स को क्या आप जानती हैं? क्या वह कभी आपके पास ड्रग्स लेकर आया?

श्रद्धा कपूर

पहली बार सुशांत से कब और कैसे मिली? पहली बार रिया से कब और कैसे मिली? क्या आपने रिया या सुशांत को कभी ड्रग्स लेते हुए देखा था?

क्या 28 मार्च 2019 पावना में फिल्म छिछोरे की पार्टी में आप शामिल हुईं थीं? अगर हां तो क्या उस दिन पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था और क्या आपने भी ड्रग्स ली थी?

जया साहा से आपकी मुलाकात कैसे हुई? एसएलबी कौन है? जिससे आप मिलना चाहती थी और क्यों? क्या उससे मुलाकात हुई, अगर हुई तो कितनी बार?

आप क्या सीबीडी आयल ड्रग का सेवन करती हैं या किसी और के लिए मंगवा रही थी यह ड्रग? सीबीडी ऑइल जया किस जिंदल के जरिये आप को भेजने की बात कर रही है? एक्सप्लेन कीजिए?

करमजीत उर्फ केजे नाम के शख्स को क्या आप जानती हैं? क्या वह कभी आपके पास ड्रग्स लेकर आया? या आपके लिए काम करने वाले किसी शख्स ने उससे कभी ड्रग्स खरीदा?

इसके अलावा भी कई अन्य सवाल हैं जो इन तीनों एक्ट्रेस को देने होंगे। एनसीबी सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में इनसे और भी कई बार पूछताछ हो सकती है।

एक दर्जन से ज्यादा पैडलर पकड़े गए

बॉलीवुड और ड्रग सप्लायर्स के मायाजाल में घिरे 50 से जायदा बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल रिया और शोविक समेत 12-15 ड्रग पैडलर एनसीबी की गिरफ्त में हैं और सभी से पूछताछ जारी है। ये सभी ड्रग पैडलर ऐसे शातिर अपराधी हैं जिनका बॉलीवुड के बड़े सेलेब की पार्टियों में आना-जाना लगा रहता था। सुशांत और उनसे जुड़े ड्रग्स मामले की जांच देश की सीबीआई, ईडी और एनसीबी जैसी टॉप एजेंसियां कर रही हैं। इसी के चलते नित नए खुलासे हो रहे हैं। रिया और उनके भाई शोविक की चैट में ड्रग्स की बात सामने आने के बाद से तो लगभग पूरे बॉलीवुड का ही ड्रग्स कनेक्शन से सीधा मामला जुड़ गया है।

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Sushant Singh Rajput case: NCB summons Deepika Padukone, Sara Ali Khan, Shraddha Kapoor in drug probe news and updates.

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सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने कहा- क्वॉन के एजेंट ने कहा था फिल्मों में वापसी करनी है तो करन जौहर की पार्टीज में जाना होगा

करन जौहर की हाउस पार्टी, करन जौहर का वीडियो, करन जौहर की फिल्में, करन जौहर का बढ़ाया हुआ नेपोटिज्म और अब करन जौहर की ड्रग पार्टीज... खबरों के अनुसार करन जौहर का नाम रकुल प्रीत सिंह ने पूछताछ के दौरान भी लिया। अब एक और एक्ट्रेस सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने यह खुलासा किया है कि बॉलीवुड में वापसी के लिए उनसे करन जौहर की ड्रग्स पार्टीज में जाने के लिए कहा गया था। बकौल सुचित्रा ऐसा करने के लिए उन्हें क्वॉन टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी ने ही कहा था।

एजेंट ने बताया था वापसी का गलत रास्ता

सुचित्रा से एक बार क्वॉन के एक रिप्रेजेंटेटिव ने पूछा था कि वे एक्टिंग में वापसी क्यों नहीं करतीं। तब सुचित्रा ने कहा था कि उनके बच्चे बहुत छोटे हैं। उस बुकिंग एजेंट ने सुचित्रा से कहा था कि फिल्मों में वापसी करना आसान नहीं है। उस एजेंट का कहना था कि सुचित्रा को वापसी करने के लिए करन जौहर की पार्टीज में जाना होगा।

एजेंडा से चलती है लोगों की अंतरआत्मा

एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने यह बताया कि बॉलीवुड ड्रग नेक्सस के एक्सपोज होने पर चुप है। बॉलीवुड में कई बड़े मुद्दों पर चुप्पी साध ली जाती है क्योंकि जो माहौल है वह ऐसा कि तुम मेरी पीठ खरोंचो तो मैं तुम्हारी पीठ खरोंचता हूं। इतना ही नहीं इनकी सामाजिक अंतरआत्मा भी एजेंडा से चलती है।

शाहरुख के साथ दी थी बड़ी हिट

सुचित्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। अक्सर वे ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखने के कारण चर्चा में रहती हैं। सुचित्रा की शादी शेखर कपूर से हुई थी, लेकिन उनका तलाक हो चुका है। सुचित्रा ने शाहरुख के साथ कभी हां कभी ना जैसी हिट फिल्म दी थी। सुचित्रा की लेटेस्ट फिल्म जॉन अब्राहम के साथ रोमियो अकबर वॉल्टर थी।

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Suchitra Krishnamoorthi revealed- kwan's agent had said if want to comeback into films i will have to go in Karan Johar's party

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दीपिका पादुकोण पर इंडस्ट्री के 600 करोड़ रुपए का दांव लगा, इनमें 2 फिल्में और 33 ब्रांड एंडोर्समेंट शामिल

बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन में दीपिका पादुकोण का नाम सामने आने के बाद से वे लगातार चर्चा में हैं। इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ता नजर आता है। उन पर इंडस्ट्री के करीब 600 करोड़ रुपए का दांव लगा हुआ है। इनमें उनकी दो फिल्में और 33 ब्रांड एंडोर्समेंट शामिल हैं।

दीपिका पर लगे दांव का हिसाब-किताब

प्रोजेक्ट

कितने करोड़ का दांव

प्रोड्यूसर मधु मंतेना की अनाम फिल्म

करीब 200 करोड़ रु.

डायरेक्टर शकुन बत्रा की अनाम फिल्म

करीब 80-90 करोड़ रु.

33 ब्रांड एंडोर्समेंट की डील

करीब 300 करोड़ रु.

(ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के मुताबिक, दीपिका पादुकोण हर एंडोर्समेंट के लिए 8-12 करोड़ रुपए चार्ज करती हैं।)

फिल्म के प्रोड्यूसर भी ड्रग्स केस में फंसे

मधु मंतेना की फिल्म की कहानी पौराणिक कथा महाभारत की पात्र द्रौपदी से प्रेरित बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी ज्यादा डिटेल सामने नहीं आई है। दीपिका के साथ मधु मंतेना खुद भी ड्रग्स विवाद में फंसे हुए हैं।

दीपिका के करियर पर पड़ेगा असर

ट्रेड एनालिस्ट और 40 साल से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय राज बंसल कहते हैं, "दीपिका के करियर पर असर पड़ेगा। वह इसलिए कि लोग इन दिनों किसान बिल की बात नहीं कर रहे हैं, इस बात की चर्चा भी नहीं हो रही है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्‍या किसने की? हर वक्त ड्रग्स से जुड़े संभावितों के नाम की माला जप रहे हैं। चूंकि, वे सेलेब्रिटी हैं, इसलिए सब हाथ धोकर पीछे पड़ गए हैं। अलबत्ता फिल्मों के कलेक्शन पर असर पड़ेगा।"

एंडोर्समेंट के स्‍तर पर नुकसान मुमकिन

ट्रेड पंडित अतुल मोहन ने कहा, "संजय दत्त भी ड्रग्स, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त थे। बावजूद इसके दर्शकों ने उन्‍हें स्वीकार किया। लिहाजा फि‍ल्मों के फ्रंट पर दीपिका को कोई घाटा नहीं है। लेकिन हां, एंडोर्समेंट के स्‍तर पर जरूर नुकसान मुमकिन है।

अतुल मोहन इस बात पर भी जोर देते हैं कि दीपिका को जेल नहीं होगी। वो कहते हैं, "एक तो वॉट्सऐप चैट के मायने साबित करने बाकी हैं। दूसरा यह कि ड्रग्स कंज्‍यूम करने पर जेल नहीं होती। जो लोग ट्रेडिंग में लिप्त हैं, उन्‍हें जेल होगी। हां, यह जरूर देखने वाली बात होगी कि ड्रग्स मामले में नाम आने के बाद दीपिका कैसे अपने फैंस को कन्विन्स कर पाती हैं।"

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Deepika Padukone Stuck In Drugs Connection: Industry's 600 crore bet on the actress

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दिव्या दत्ता ने अमिताभ बच्चन को बताया इंडस्ट्री में आने की वजह, बोलीं- उन्हीं ने रोल से डिस्कनेक्ट करना सिखाया; सलमान की मदद भी हमेशा रहेगी याद

नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर दिव्या दत्ता शुक्रवार को 43 साल की हो गईं। उनका जन्म 25 सितंबर 1977 को पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ था। दिव्या के बारे में कहा जाता है कि वे जिस फिल्म में होती हैं, उस फिल्म का वजन बढ़ जाता है। अपने जन्मदिन के मौके पर उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में खुद से जुड़े रोचक किस्से साझा किए।

दिव्या का कहना है कि करियर की शुरुआत में जो अवॉर्ड, रिवार्ड और रोल हासिल नहीं कर सकी थी, उसे अब करके खुद को संतुष्ट कर रही हूं। अपने ढाई दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर में दिव्या का नाम कभी किसी विवाद में नहीं आया।

धर्मेंद्र जी के गांव से हूं मैं

बचपन के बारे में बताते हुए दिव्या ने कहा, 'मेरा बचपन पंजाब स्थित लुधियाना के पास एक गांव में बीता। यहीं से धर्मेंद्र जी भी हैं। यहां मेरे मम्मी-डैडी डॉक्टर थे। मेरा एक छोटा भाई है, जो अब डॉक्टर है। बहुत लकी हूं कि उस वक्त मिट्टियों में कंचे, पिट्ठू आदि खेलने से लेकर आउटडोर एक्टिविटी के मजे लिए हैं। गांव से आधे घंटे की दूरी पर लुधियाना शहर पढ़ाई करने जाती थी। इस तरह गांव और शहर की दोनों जिंदगियां बड़े करीब से देखी हैं। आज याद करती हूं तो पाती हूं कि बचपन बहुत अच्छा बीता।'

बच्चन साहब की वजह से इंडस्ट्री में आई

आगे उन्होंने बताया, 'मां-बाप डॉक्टर थे, पर सुई देखकर मैं घबराती थी। बड़ी होकर साइक्लॉजी से डिग्री ली। बच्चन साहब की बहुत बड़ी फैन थी। उनकी फिल्में देखती थी। चार साल की थी, तब अपने पड़ोसियों के बच्चों को बुलाकर अमिताभ बच्चन की फिल्म 'डॉन' का गाना खाई के पान बनारस वाला... गाया और उस पर डांस किया। बच्चों की तालियों की गड़गड़ाहट सुनकर बहुत अच्छा लगा। बच्चों को पार्टी दी।'

'उस समय बहुत छोटी थी तो मुझे नहीं पता था कि एक्टर बनना चाहती थी कि नहीं, लेकिन जब डांस और एक्टिंग करती थी, तब खुश हो जाती थी। फिर तो कुदरत ने मेरे लिए एक मौका खोला और टैलेंट हंट में शामिल हुई और एक्टिंग लाइन में आ गई।'

बचपन में मिली थी अपहरण की धमकी

आगे उन्होंने कहा, 'बचपन में किडनैप करने की धमकी वाला पत्र मिला था। तब मेरी मम्मी ने मुझे मौसी के घर भेज दिया था। उसके बाद खुद पूरे मोहल्ले और पुलिस के साथ जाकर उस चिट्ठी लिखने वाले को धर दबोचा था। दरअसल उन दिनों लोग टेररिज्म का फायदा उठाकर चिट्ठी भेजकर पैसे मांगते थे। खैर मेरी मां बहुत धाकड़ थी। चिट्ठी लिखने वाले को वक्त दिया और सबके साथ जाकर पकड़ लिया।'

पहली फिल्म के एक सीन में घबरा गई थी

'पहली फिल्म 'इश्क में जीना इश्क में मरना' में अभिनय करते हुए बचपन में देखा सपना पूरा हो रहा था, वो मेरे लिए बहुत खूबसूरत मोमेंट था। लेकिन एक शॉट देना था, जिसमे पुल के ऊपर से मुझे पानी में गिरना था। इस सीन के बारे में मुझे बताया गया तो सोच कर घबरा गई कि कैसे कूदूंगी। जब उन्हें लगा कि मैं बहुत घबरा गई हूं, तब पहली बार कैमरे के लेंस से दिखाया कि यह सीन कुछ इस तरह लेना है।'

'मेरा डुप्लीकेट पानी में कूदेगा और उसके बाद बाहर निकलते हुए मेरा सीन शूट किया जाएगा। डुप्लीकेट -1 और -2 डिग्री में ठंडे पानी में कूदे तो पूरा यूनिट उनके लिए तालियां बजा रहा था। जब वो निकला तो उसे गर्मागर्म चाय और ओढ़ने के लिए कंबल दिया गया। उसके बाद मेरा शॉट था कि मैं पानी में से निकल रही हूं।'

सलमान ने मरने की एक्टिंग करना सिखाया

'सलमान खान बड़े मददगार को-एक्टर हैं। मुझे याद है जब 'वीरगति' में मरने का एक सीन करना था, तब मुझे मरना ही नहीं आ रहा था। मैं नई-नई थी तो मुझे सांस रोकना ही नहीं आ रहा था। डायरेक्टर बोलते थे कि सांस रोको, तब मुझे घबराहट होने लगती थी। फिर तो सीन कट कर देना पड़ता था। कई बार रीटेक के बाद बोलने लगे कि इस बच्ची को तो मरना ही नहीं आ रहा है। यह बात किसी ने सलमान को बताई कि जो नई बच्ची आई है, उसे तो मरना ही नहीं आ रहा है।'

'तब सलमान का पैकअप हो गया था, लेकिन वे खासकर मुझे बताने के लिए अपना पैकअप कैंसिल करके आए और मुझसे बोले- दिव्या मैं जैसे-जैसे कर रहा हूं, वैसे-वैसे करते जाना। वे मरने की एक्टिंग करके मुझे दिखा रहे थे और उनके साथ-साथ मैं भी सीख रही थी। मुझे यह चीज हमेशा याद रहेगी कि वे बड़े हेल्पफुल और प्यारे को-एक्टर हैं।'

...उसके बाद किसी को नहीं दी अपनी आवाज

'मुझे अच्छा लगा कि किसी को अपनी आवाज दी, लेकिन उस अनुभव के बारे में विस्तार से बात नहीं करना चाहती हूं। 'कसूर' फिल्म में अपनी आवाज लीजा रे को दी थी, लेकिन इसी फिल्म में एक भूमिका मैंने भी निभाई थी, पर मेरी आवाज किसी और ने दी थी। यह मुझे बड़ा अजीब लगा था। उसके बाद मैंने कभी किसी को अपनी आवाज नहीं दी। खैर, इस फिल्म में अपनी आवाज इसलिए नहीं दे पाई कि सेम फिल्म में दो किरदारों की एक आवाज नहीं हो सकती थी।'

एम्सटर्डम में मां के साथ लड़कियों की तरह भागी

मां के साथ घूमने का रोचक अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं और मेरी मां एम्सटर्डम में आयोजित आईफा अवॉर्ड्स समारोह में गए थे। फुर्सत के क्षणों में दोनों हाथ में हाथ डालकर घूम रहे थे। हम लोग बिल्कुल रेड लाइट एरिया में नहीं थे, उसके बाहर थे। वहां पर घूमते वक्त मम्मी को खड़ा करके तस्वीरें लेने लगी। मुझे पता नहीं था कि वहां पर फोटो लेने की मनाही है। पीछे से आकर प्रोस्टिट्यूट कहने लगी कि यहां पर फोटो नहीं ले सकते। फिर तो हम दोनों वहां से छोटी लड़कियों की तरह भागे। हम दोनों दूर आकर खूब हंसे।'

ऋषि कपूर ने उठकर तालियां बजाई थी

'लकी हूं कि शाहरुख खान, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, इरफान खान, ऋषि कपूर जैसे बड़े बेहतरीन एक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला। सभी बड़े मददगार रहे। ऋषि कपूर के साथ तो काम करने का मेरा सपना था। पहली बार उनके साथ 'दिल्ली-6' में काम कर रही थी। मेरा पहला शॉट था और सामने ऋषि कपूर, वहीदा रहमान, ओम पुरी सहित पूरा गांव आकर बैठा था तो मैं घबरा रही थी।'

'एक तो इसमें गाली-गलौज थी और दूसरा मेरे लिए यह रोल निभाना बड़ा मुश्किल था, क्योंकि हरियाणवी लहजा था। ऊपर से पहली बार मेरा मोनोलॉग था, जिसमें दो पेज का डायलॉग था। उस समय भगवान से यही दुआ कर रही थी कि प्लीज मेरा शॉट ठीक से ओके हो जाए, नहीं तो मेरी नाक कट जाएगी, क्योंकि मेरे फेवरेट एक्टर मेरे सामने बैठे हैं। उस घबराहट में इतना अच्छा काम हुआ कि ऋषि कपूर सहित सबने उठकर मेरे लिए तालियां बजाई थीं।'

बच्चन साहब ने रोल से डिस्कनेक्ट करना सिखाया

'बच्चन साहब की वजह से बहुत लोग इंडस्ट्री में आते हैं। मैं उनके साथ 'बागबान' फिल्म में काम कर रही थी। मुझे अपने रोल से डिस्कनेक्ट करना नहीं आता था। एक दिन बहुत उदास होकर घर पहुंची। मेरी मां ने पूछा कि काम अच्छा नहीं हुआ क्या? मैंने कहा- अच्छा हुआ। फिर उदास क्यों हो?'

'खैर, मेरी उदासी को सेट पर बच्चन साहब ने भी भांप लिया। उन्हें रिलाइज हुआ कि बुरी बहू बनकर मैं बुरा फील कर रही हूं। फिर तो उन्होंने मेरे साथ मजाक-मस्ती करके हल्का फील करवाया। इलाहाबाद से उनके यहां गजक आई थी, उसे ऑफर किया। उसके बाद रोल से अपने आपको डिस्कनेक्ट करना बताया। इन लोगों ने मेरे करियर में बहुत मदद की है।'

राजकुमारी की तरह ट्रीट करवाया जाता था

'मैं खुशकिस्मत रही कि मेरा हर जन्मदिन बड़े खास तरीके से मनाया गया। खासतौर पर जब मम्मा होती थीं तो सुबह से ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं। ज्यादातर जन्मदिन घर पर ही मनाती थी। मेरे सारे दोस्त घर पर ही आते थे। सब खूब मस्ती करते थे। बर्थडे वाले दिन घरवालों ने फील करवाया कि खुशकिस्मत लड़की हूं। मुझे राजकुमारी की तरह ट्रीट करवाया जाता था।'

'इस बार तो काफी अलग होगा। क्योंकि मेरा छोटा भतीजा बर्थडे प्लान कर रहा है। मेरे बर्थडे पर डांस करेगा। पूछ रहा है कि बुई क्या चाहिए, मैं लाकर दूंगा। लोगों का इतना प्यार और स्नेह मिलता आया है। इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है। हमारे यहां प्रचलन है कि रात को 12:00 बजे केक काटते हैं। छोटे-बड़े सभी जागते रहते हैं। सब विश करते हैं और गिफ्ट देते हैं। मेरा भाई मेरे फेवरेट गाने बजाता है। थीम पार्टी रखते हैं, इसी तरह से हम सब कपड़े वगैरह पहनते हैं।'

दिव्या दत्ता के करियर की प्रमुख फिल्में वीर-जारा, इरादा, ब्लैकमेल, बदलापुर, भाग मिल्खा भाग, स्पेशल 26, हीरोइन, दिल्ली 6, उमराव जान, लुटेरा, ब्‍लैकमेल, झलकी, चॉक एंड डस्टर, मंटो, फन्ने खां आदि रही हैं। साल 2018 में उन्‍हें फिल्‍म 'इरादा' के लिए बेस्‍ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था।

(जैसा दिव्या दत्ता ने उमेश कुमार उपाध्याय को बताया)

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Divya Dutta told Amitabh Bachchan the reason for coming into the industry, Bolin- he also taught to disconnect from the role; Salman's help will also always be remembered

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ड्रग्स मामले में नाम आने से एक्ट्रेसेस की मार्केट वैल्यू पर पड़ेगा असर, हाथ से निकल सकते हैं कई ब्रांड्स

ड्रग्‍स मामले में बॉलीवुड से दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुल प्रीत सिंह जैसे चर्चित नाम उभरकर सामने आए हैं। विज्ञापन जगत में इनकी काफी डिमांड रही है। मगर ड्रग्‍स मामले में लिप्त पाए जाने के बाद एड गुरुओं का मानना है कि इन एक्ट्रेसेस की ब्रांड वैल्यू और अपकमिंग ऑफर्स पर बुरा असर पड़ेगा।

ट्रेड एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक दीपिका के पास फिलहाल 33 से ज्‍यादा ब्रांड्स हैं। वहीं श्रद्धा के पास 13 और सारा के पास 11 ब्रांड्स हैं। लेकिन नए विवाद के बाद मौजूदा सभी ब्रांड्स भी शूट और प्रमोशन की प्रक्रियाओं को होल्‍ड पर रख रहे हैं।

दोषी साबित हुईं तो ब्रांड्स हाथ से निकल जाएंगे

इस मामले को लेकर पीयूष पांडे कहते हैं, 'दीपिका या जिसका भी नाम सामने आया है, अगर वो गुनहगार साबित होते हैं तब तो यकीनन ब्रांड्स उनके हाथ से निकल जाएंगे। हालांकि अभी सब कुछ जांच के स्तर पर ही है। इस मामले में दीपिका या किसी और कितना नुकसान होगा, वो कहना जरा जल्दबाजी होगा।'

उन्होंने कहा, 'आलिया भट्ट का ही देखें तो नेपोटिज्‍म को लेकर सोशल मीडिया के निशाने पर वे आईं, फिर भी उन्‍हें आमिर खान के साथ नया ऐड मिला ही। समझदार कंपनी तो ड्रग्‍स के मामले में जांच के खत्‍म होने का इंतजार करेगी।'

आगे से कंपनियां भी अलर्ट मोड में आ जाएंगी

आगे उन्होंने कहा, 'इस स्‍टेज की बात करें तो वैसे भी फिलहाल शूटिंग कम हो रही हैं। ऐसे में दीपिका आदि से जुड़ी कंपनियों ने अपने एंडोर्समेंट होल्‍ड पर रख लिए हैं। मेरे ख्‍याल से यह सब जब शांत हो जाएगा, तब दर्शकों की मेंटैलिटी पर सब डिपेंड करेगा। मेरी सोच कहती है कि आगे से नए कॉन्‍ट्रैक्‍ट साइन करने में कंपनियां हड़बड़ी नहीं करेंगी।'

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The name of drugs will affect the market value of actresses, many brands can get out of hand advertisement industry prospects on Deepika, Sara and Shraddha

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‘टू स्‍टेट्स’ के बाद सुशांत की एक और फिल्‍म जा रही अर्जुन कपूर के पास, SSR की जगह रिया कर रही थी प्रोडक्शन हाउस से मूवी की डील

सुशांत सिंह राजपूत मामले में इतिहास फिर से खुद को दोहरा रहा है। एक फिल्म जिसमें उन्हें लेने की बातें चल रही थीं, अब वो फिल्म अर्जुन कपूर के पास जा रही है। इससे पहले सुशांत ने जब '2 स्‍टेट्स' छोड़ी थी तो वो भी अर्जुन को ही मिली थी। नई फिल्म 'टू नाइसमैन' प्रोडक्‍शन हाउस के बैनर तले बनेगी। फिल्म को लेकर मार्च महीने में मेकर्स की बातें रिया चक्रवर्ती से हुई थीं, जो सुशांत सिंह राजपूत के बिहाफ पर बात कर रही थीं।

‘टू नाइसमैन मीडिया वर्क्‍स’ के सूत्रों ने बताया, 'सुशांत खुद भी उस प्रोजेक्‍ट को लेकर दिलचस्‍पी दिखा रहे थे। हालांकि अब जब वो इस दुनिया में नहीं हैं, तो मेकर्स अर्जुन कपूर को लेकर फिल्‍म बनाने की तैयारी में हैं। हालांकि अर्जुन के लिए भी उन्‍हें इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि कोरोना होने की वजह से अर्जुन फिलहाल घर पर ही हैं।'

रिया ने बताया था सुशांत रिहैब सेशल ले रहे हैं

प्रोडक्‍शन हाऊस के सूत्रों ने बताया, 'फिल्‍म की राइटिंग कंप्‍लीट हो गई थी। कास्टिंग पर बात चल रही थी। सुशांत की ओर से दिलचस्‍पी भी जाहिर हुई थी। उनकी जगह पर रिया चक्रवर्ती बात कर रही थीं। उन्‍होंने बताया था कि सुशांत रिहैब सेशन ले रहे हैं। लिहाजा वो उनके एंड से प्रोजेक्‍ट फाइनल करेंगी। मगर इससे पहले ही लॉकडाउन लग गया और फिर सुशांत के निधन की खबर आ गई। आज तक हमलोग भी इस झटके से ऊबर नहीं पाए हैं।'

मेकर्स को सुशांत के रिहैब से दिक्कत नहीं थी

आगे उसने कहा, 'प्रोडक्‍शन हाउस के लिए इंडस्‍ट्री के एक बड़े कास्टिंग डायरेक्‍टर बातें कर रहे थे। उनको रिया ने बताया था कि सुशांत रिहैब सेशन ले रहे हैं। मेकर्स को इससे प्रॉब्‍लम नहीं थी, क्‍योंकि और भी सेलेब्‍स को एंग्जाइटी इश्‍यू रहे हैं। फिर भी वो काम करते रहे हैं।'

रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में सुशांत को बनना था रिपोर्टर

सूत्र ने ये भी बताया, 'ये एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्‍म थी। जिसमें सुशांत को एक रिपोर्टर का रोल करना था। जो कि नॉर्थ इंडिया के एक छोटे शहर का फायरब्रांड टीवी रिपोर्टर का था। इस प्रोजेक्‍ट को लेकर मार्च में रिया से आधा दर्जन बार बातें हो गई थीं। तब उन्होंने ऐसी कोई डिमांड तो नहीं रखी थी कि एक्‍ट्रेस का रोल उन्‍हें ही मिलना चाहिए।'
'फिलहाल ये प्रोजेक्‍ट ठंडे बस्‍ते में रहा है। मगर अब इसे फिर से अर्जुन कपूर के साथ बनाने की तैयारी चल रही है। उनके पूरी तरह दुरूस्‍त होने का इंतजार किया जा रहा है।'

सुशांत सक्सेस पार्टी में शामिल होने वाले थे

सूत्र ने आगे बताया, 'हम लोगों के प्रोडक्‍शन से एमएक्‍स प्‍लेयर पर वेब शो ‘पति पत्‍नी और वो’ रिलीज हुई थी। उसकी सक्‍सेस पार्टी 17 जून को करने वाले थे। उसमें सुशांत सिंह राजपूत भी आमंत्रित थे, मगर 14 जून को ही दुखद खबर आ गई।'

कमल जैन अपनी फिल्म के लिए वरुण से कर रहे बात

उधर कमल जैन भी सुशांत को लेकर साउथ की एक फिल्म का रीमेक बनाने वाले थे। अब वो वरुण धवन को लेकर फिल्‍म बनाने वाले हैं। ठीक इसी तरह एक अन्य प्रोडक्शन हाउस अपनी फिल्म 'रायफलमैन' में सुशांत को लेना चाहता था, पर अब उसके प्रमुख विक्रम मल्‍होत्रा वरुण धवन को कंसिडर कर रहे हैं।

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After 'Two States' another Sushant Singh Rajputs film going to Arjun Kapoor, Rhea Chakraborty was dealing for it with makers

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29 सप्ताह से बॉक्स ऑफिस का कलेक्शन जीरो, अगर थिएटर खुलते तो सिर्फ हिंदी फिल्में ही करतीं करीब 3200 करोड़ की कमाई

कोरोना वायरस के चलते हुई सिनेमाघरों की तालाबंदी को लगभग 7 महीने का वक्त बीत चुका है। 13 मार्च को आखिरी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' पर्दे पर रिलीज हुई थी और इसी दिन से कई राज्यों में थिएटर्स बंद कर दिए गए थे। इस दौरान कई मेकर्स अपनी फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ले गए हैं। लेकिन ज्यादातर अब भी सिनेमाघर खुलने का इंतजार कर रहे हैं और इसके चलते हिंदी फिल्मों का करीब 3200 करोड़ रुपए का कलेक्शन अटका हुआ है।

बड़ी फिल्मों का 1500 करोड़ का कलेक्शन अटका

ट्रेड एनालिस्ट और 40 साल से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय राज बंसल की मानें तो इन 7 महीनों में 'सूर्यवंशी', '83', 'कुली नं. 1', 'लक्ष्मी बॉम्ब', 'राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई', 'भुज : द प्राइड ऑफ इंडिया', 'द बिग बुल' और 'सड़क 2' जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्में पर्दे पर आतीं और सिर्फ इन फिल्मों का कुल कलेक्शन करीब-करीब 1500 करोड़ रुपए होता।

'गुलाबो सिताबो', 'गुंजन सक्सेना', 'शकुंतला देवी' और 'सड़क 2' जैसी फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी हैं। 'लक्ष्मी बॉम्ब', 'कुली नं. 1', 'भुज : प्राइड ऑफ इंडिया' जैसी कई अन्य फिल्मों की डील भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ हो चुकी है, जो आने वाले हफ्तों में रिलीज हो सकती हैं।

अन्य हिंदी फिल्में 1500-1700 करोड़ कमातीं

राज बंसल की मानें तो हर सप्ताह एवरेज दो मीडियम और छोटे बजट की फिल्में रिलीज होती हैं, जो एवरेज 25-30 करोड़ रुपए की कमाई करती हैं। ऐसे में अगर 29 सप्ताह (30 सितंबर तक) का हिसाब निकालें तो ऐसी लगभग 58 फिल्में पर्दे पर आतीं और इनकी कुल कमाई करीब 1500-1700 करोड़ होती।

करीब 1500 करोड़ तमिल-तेलुगु के अटके

बंसल बताते हैं कि तालाबंदी के दौरान तमिल और तेलुगु की भी कई बड़ी फिल्मों की रिलीज टली है। अगर ये फिल्में रिलीज हो गई होतीं तो इनकी कमाई लगभग 1500 करोड़ रुपए होती।

2020 में अब तक सिर्फ 73 दिन खुले सिनेमाघर

2020 में अब तक सिनेमाघर सिर्फ शुरुआत के 73 दिन खुले थे। इस दौरान बॉक्स ऑफिस पर करीब 824 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ था। हालांकि, सिर्फ एक ही फिल्म हिट रही थी और वह थी अजय देवगन स्टारर 'तान्हाजी : द अनसंग वॉरियर', जिसने बॉक्स ऑफिस पर करीब 280 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

कलेक्शन के लिहाज से 2020 की टॉप 5 फिल्में

रैंक

फिल्म

रिलीज डेट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (करीब)

1

तान्हाजी : द अनसंग वॉरियर

10 जनवरी

280 करोड़ रुपए

2

बागी 3

6 मार्च

93 करोड़ रुपए

3

स्ट्रीट डांसर 3डी

24 जनवरी

68 करोड़ रुपए

4

शुभ मंगल ज्यादा सावधान

21 फरवरी

61 करोड़ रुपए

5

मलंग

7 फरवरी

59 करोड़ रुपए

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