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बीते 24 घंटे में सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई, यह 232 दिनों में सबसे कम

देश में रविवार को कोरोना के 16 हजार 85 नए मरीज मिले। 16 हजार 735 ठीक हो गए और सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई। जान गंवाने वालों का यह आंकड़ा 232 दिन, यानी 23 मई के बाद सबसे कम है। तब एक दिन में 142 संक्रमितों की मौत हुई थी।

देश में कोविड-19 के अब तक 1 करोड़ 4 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 92 हजार मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.51 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है। कुल 2 लाख 19 हजार 788 मरीजों का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

तीन मरीजों में मिला वायरस का साउथ अफ्रीका वाला स्ट्रेन
मुंबई के तीन मरीजों में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। ये तीनों मरीज अब ठीक हो चुके हैं। चिंता इस बात की है कि कोरोना के मरीजों के शरीर में अब तक बनीं तीन तरह की एंटीबॉडी इस स्ट्रेन पर बेअसर हैं। जानकार इस नए स्ट्रेन को साउथ अफ्रीका के कोरोना स्‍ट्रेन से जोड़कर देख रहे हैं।

मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के प्रोफेसर डॉक्टर निखिल पटकर की टीम ने 700 कोरोना नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग की थी। इनमें से तीन के नमूनों में कोरोना का E484K म्यूटेंट मिला है। वायरस के आनुवांशिक पदार्थ में होने वाले बदलाव को म्‍यूटेशन कहते हैं। इससे वायरस अपना रूप बदल लेता है, तब पुराने वायरस के खिलाफ बनी एंटीबॉडी बदले हुए वायरस पर बेअसर हो जाती है।

नए म्यूटेंट से घबराने की जरूरत नहीं
बेंगलुरु के महामारी विशेषज्ञ डॉ गिरिधर बाबू का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि E484K म्‍यूटेशन वाले वायरस सितंबर से जनता के बीच हैं। अगर ये बहुत तेजी से फैलते तो अब तक स्थिति बहुत खराब हो चुकी होती।

5 राज्यों का हाल
1. दिल्ली
राज्य में रविवार को 399 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 602 लोग ठीक हुए और 12 की मौत हो गई। यहां अब तक 6.30 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 6.16 लाख ठीक हो चुके हैं, जबकि 10 हजार 678 मरीजों की मौत हो चुकी है। 3468 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

2. मध्यप्रदेश
राज्य में रविवार को 620 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 816 लोग ठीक हुए और 10 की मौत हो गई। यहां अब तक 2.48 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2.37 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 3711 मरीजों की मौत हो चुकी है। 7823 मरीजों का इलाज चल रहा है।

3. गुजरात
राज्य में रविवार को 671 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 806 लोग ठीक हुए और चार की मौत हो गई। यहां अब तक 2.51 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2.39 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4344 मरीजों की मौत हो चुकी है। 7729 मरीजों का इलाज चल रहा है।

4. राजस्थान
यहां रविवार को 475 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 476 लोग ठीक हुए और तीन की मौत हो गई। यहां अब तक 3.13 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 3.03 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2734 मरीजों की मौत हो चुकी है। 6726 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।

5. महाराष्ट्र
राज्य में रविवार को 3558 लोग संक्रमित मिले। 2302 लोग ठीक हुए और 34 की मौत हो गई। यहां अब तक 19.69 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 18.63 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 50 हजार 61 मरीजों की मौत हो चुकी है। 54 हजार 179 का इलाज चल रहा है।

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PM आज मुख्यमंत्रियों से तैयारियों पर चर्चा करेंगे, संक्रमण की स्थिति पर भी बात होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाम 4 बजे मीटिंग शुरू होगी। इसमें कोरोना की स्थिति पर भी बात होगी। देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होगा। मोदी ने शनिवार को हाईलेवल मीटिंग की थी, जिसके बाद सरकार ने वैक्सीनेशन की तारीख का ऐलान किया।

वैक्सीनेशन में 3 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रायरिटी
वैक्सीन के लिए हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को तरजीह दी जाएगी, जिनकी संख्या 3 करोड़ है। इनके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 50 साल से कम उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इस तरह करीब 27 करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा।

वैक्सीन के दो डोज होंगे। इन्हें 28 दिन के अंतर से दिया जाएगा। सभी को दो डोज लगाने होंगे, तभी वैक्सीन शेड्यूल पूरा होगा। दूसरा डोज देने के दो हफ्ते बाद शरीर में कोरोना से बचाने वाली एंटीबॉडी बन जाएंगी। एंटीबॉडी यानी शरीर में मौजूद वह प्रोटीन, जो वायरस, बैक्टीरिया, फंगी और पैरासाइट्स के हमले को बेअसर कर देता है।

देश में 2 वैक्सीन को मंजूरी मिली

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी DCGI ने इमरजेंसी यूज के लिए दो वैक्सीन को मंजूरी दी है।

पहली वैक्सीन कोवीशील्ड है, जिसे एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है।

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कोवीशील्ड का प्रोडक्शन कर रही है।

इसका जब हाफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% रही। एक महीने बाद फुल डोज में इफिकेसी 62% रही।

दोनों तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। कोवीशील्ड के 5 करोड़ डोज तैयार हैं।

दूसरी वैक्सीन कोवैक्सिन है। अभी इसके फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे नहीं आए हैं। कोवैक्सिन को भारत बायोटेक बना रही है।

इसके फेज-2 ट्रायल्स के नतीजों के मुताबिक, कोवैक्सिन की वजह से शरीर में बनी एंटीबॉडी 6 से 12 महीने तक कायम रहेंगी। कोवैक्सिन के 2 करोड़ डोज तैयार हैं।

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देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होगा। सरकार का कहना है कि 3 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रायरिटी दी जाएगी।- फाइल फोटो।
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया

किसान आंदोलन का आज 47वां दिन है। नए कृषि कानून रद्द करने की अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। किसानों ने रविवार को 500 जत्थेबंदियों का डेटा तैयार किया और वकील प्रशांत भूषण से 3 घंटे चर्चा चली। कोर्ट को बताया जाएगा कि आंदोलन में सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के किसान संगठन शामिल हैं।

नुकसान समेत हर बात कोर्ट को बताएंगे
किसान संगठनों नए कानूनों की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में कोर्ट को बताएंगे। एक-एक बात बारीकी से बताई जाएगी। यह भी बताएंगे कि किस तरह से उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर किया गया। इन तीनों कानूनों के बारे में कैसे मजबूती से पक्ष रखा जाए, इस पर भी कई सीनियर वकीलों से चर्चा हुई।

सुप्रीम कोर्ट में अब तक
16 दिसंबर: कोर्ट ने कहा- किसानों के मुद्दे हल नहीं हुए तो यह राष्ट्रीय मुद्दा बनेगा।
6 जनवरी: अदालत ने सरकार से कहा- स्थिति में कोई सुधार नहीं, किसानों की हालत समझते हैं।
7 जनवरी: तब्लीगी जमात मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताई। कहा- किसान आंदोलन के चलते कहीं मरकज जैसे हालात न बन जाएं।

हरियाणा में किसानों ने मंच उखाड़ा, CM का कार्यक्रम रद्द
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रविवार को करनाल जिले के कैमला गांव में किसान महापंचायत करने वाले थे। सीएम वहां पहुंचते उससे पहले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने मंच पर भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने CM के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए बने हेलीपैड को भी खोद दिया, इस वजह से खट्‌टर का हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर सका।

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किसान 47 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को ली गई फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।
जापान में वायरस का नया स्ट्रेन मिला, ब्राजील से पहुंचा; यह ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग

अमेरिका और ब्रिटेन में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है, भारत में भी इसी हफ्ते वैक्सीनेशन शुरू होगा। वहीं, कोरोनावायरस का लगातार स्वरूप (म्यूटेशन) बदल रहा है। अब जापान में वायरस का नया स्वरूप सामने आया है। यह वहां ब्राजील से पहुंचा। यह स्ट्रेन ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग है। जापान सरकार के मुताबिक, चार लोगों में नया स्ट्रेन मिला है, जिनमें 40 साल का एक पुरुष, 30 साल की महिला और 2 किशोर है। इससे पहले जापान में ब्रिटेन और साउथ अफ्रीकी स्ट्रेन के करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं।

इस बीच, कोरोनावायरस के दुनिया में 9 करोड़ 06 लाख 88 हजार 733 मामले आ चुके हैं। अब तक 19 लाख 43 हजार 90 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात यह कि 6 करोड़ 48 लाख 11 हजार 380 लोग ठीक भी हो चुके हैं।

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जापान में लोग कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कर रहे हैं। टोक्यो में आइसबाथ सेरेमनी में लोगों ने ईश्वर से कोरोना महामारी दूर करने और आत्मा शुद्ध रखने की प्रार्थना की। बर्फीले पानी में खड़े लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे।
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया

किसान आंदोलन का आज 47वां दिन है। नए कृषि कानून रद्द करने की अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। किसानों ने रविवार को 500 जत्थेबंदियों का डेटा तैयार किया और वकील प्रशांत भूषण से 3 घंटे चर्चा चली। कोर्ट को बताया जाएगा कि आंदोलन में सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के किसान संगठन शामिल हैं।

नुकसान समेत हर बात कोर्ट को बताएंगे
किसान संगठनों नए कानूनों की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में कोर्ट को बताएंगे। एक-एक बात बारीकी से बताई जाएगी। यह भी बताएंगे कि किस तरह से उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर किया गया। इन तीनों कानूनों के बारे में कैसे मजबूती से पक्ष रखा जाए, इस पर भी कई सीनियर वकीलों से चर्चा हुई।

सुप्रीम कोर्ट में अब तक
16 दिसंबर: कोर्ट ने कहा- किसानों के मुद्दे हल नहीं हुए तो यह राष्ट्रीय मुद्दा बनेगा।
6 जनवरी: अदालत ने सरकार से कहा- स्थिति में कोई सुधार नहीं, किसानों की हालत समझते हैं।
7 जनवरी: तब्लीगी जमात मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताई। कहा- किसान आंदोलन के चलते कहीं मरकज जैसे हालात न बन जाएं।

हरियाणा में किसानों ने मंच उखाड़ा, CM का कार्यक्रम रद्द
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रविवार को करनाल जिले के कैमला गांव में किसान महापंचायत करने वाले थे। सीएम वहां पहुंचते उससे पहले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने मंच पर भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने CM के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए बने हेलीपैड को भी खोद दिया, इस वजह से खट्‌टर का हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर सका।

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किसान 47 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को ली गई फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।
किसानों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: क्या मसला सुलझेगा? कोर्ट कानून निरस्त कर सकता है?

किसान आंदोलन और कृषि कानूनों से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज होगी। दरअसल, किसान आंदोलन से जुड़ी कई याचिकाएं कोर्ट में दायर हुई थीं। कुछ याचिकाओं में आंदोलन को खत्म करने की मांग की गई है, तो कई याचिकाओं में तीनों कानूनों को रद्द करने की। इन्हीं सब याचिकाओं पर अब चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की बेंच सुनवाई करेगी। इस मामले की आखिरी सुनवाई 17 दिसंबर को हुई थी। सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट से मसला सुलझ सकता है?

आइए एक-एक करके इस मामले को पूरी तरह समझते हैं।

सबसे पहले बात खेती से जुड़े उन 3 कानूनों की...
1. फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्टः किसान सरकारी मंडियों (एपीएमसी) से बाहर फसल बेच सकते हैं। ऐसी खरीद-फरोख्त पर टैक्स नहीं लगेगा।
2. फार्मर्स (एम्पॉवरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस एक्टः किसान कॉन्ट्रैक्ट करके पहले से तय एक दाम पर अपनी फसल बेच सकते हैं।
3. एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) एक्टः अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, आलू और प्याज को आवश्यक वस्तुओं की लिस्ट से बाहर कर दिया है। केवल युद्ध, भुखमरी, प्राकृतिक आपदा या बेहद महंगाई होने पर स्टॉक सीमा तय होगी।

दो वजहें, सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंचा किसानों का मसला?
पहलीः 26 नवंबर से किसान दिल्ली की सड़कों पर जमा हैं। उनकी वजह से आम लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इसको लेकर याचिकाएं दाखिल हुईं। इस पर कोर्ट ने कहा था कि जब तक कोई हिंसा नहीं होती, तब तक विरोध करना किसानों का अधिकार है।

दूसरीः किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। इसको लेकर राजद से राज्यसभा सांसद मनोज झा, डीएमके से राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा और छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के राकेश वैष्णव ने याचिका लगाई और मांग की कि कोर्ट सरकार को तीनों कानून रद्द करने का आदेश दे।

अब बात सुप्रीम कोर्ट जाने पर क्या है सरकार और किसानों का रुख?
सरकार का रुखः 8 जनवरी को किसान संगठनों और सरकार के बीच बात हुई। बातचीत के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले को लेकर सुनवाई है। आप वहां बात रख सकते हैं। कोर्ट जो कहेगा, सब मान लेंगे।
किसानों का रुखः किसान कोर्ट जाने के पक्ष में नहीं है। किसान तीनों कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। ऑल इंडिया किसान सभा के जनरल सेक्रेटरी हन्नान मुल्ला का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं होगा, तब तक लड़ाई चलती रहेगी।

किसान आंदोलन कर रहे किसान संगठन कौन से हैं? और किसान संगठन के चर्चित चेहरे कौन से हैं? जानें यहां

अब सवाल क्या सुप्रीम कोर्ट से मसला सुलझ सकता है?
किसान नेताओं का ये कहना है कि हमारी लड़ाई सीधे सरकार से ही। कानून की संवैधानिकता को तो हमने पहले भी चुनौती नहीं दी थी। उसको हम अभी भी चैलेंज नहीं कर रहे हैं। कोर्ट का काम सिर्फ इतना है कि कोई कानून संविधान के दायरे में है या नहीं, ये तय करना। हम खुद कोर्ट नहीं गए, इसलिए सुप्रीम कोर्ट उस पर क्या कहता है, इससे हमें फर्क नहीं पड़ता। हम बस ये चाहते हैं कि सरकार ये तीनों कानून वापस ले, क्योंकि ये कानून किसानों के लिए नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के हित में हैं।

क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार को कानून वापस लेने को कह सकती है?
इस बारे में संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप बताते हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट को ऐसा लगता है कि कानून संविधान के विरुद्ध है, संविधान की अवहेलना कर रहा है, तो वो कानून को निरस्त कर सकता है, लेकिन अगर संविधान के हिसाब से सही है, तो सुप्रीम कोर्ट को कुछ नहीं करना चाहिए।

वहीं, हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के वाइस चांसलर फैजान मुस्तफा बताते हैं कि अगर कोई संविधान के विरुद्ध है और मौलिक अधिकारों का हनन करता है, तो उसे सुप्रीम कोर्ट तो क्या, हाईकोर्ट में भी चैलेंज किया जा सकता है। फैजान बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट उस कानून को निरस्त कर सकता है।

अगर सुप्रीम कोर्ट में कानून निरस्त, तो सरकार के पास क्या रास्ता बचा?
इस बारे में फैजान मुस्तफा बताते हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट से कोई कानून निरस्त हो जाता है, तो सरकार चाहे तो दोबारा संसद से उस कानून को बना सकती है। हालांकि, ऐसा होने की संभावना बहुत ही कम होती है।

वो बताते हैं कि 2014 में सरकार ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन बनाया था। इसके लिए कानून भी आया था और संविधान में संशोधन भी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कानून और संशोधन दोनों को ही निरस्त कर दिया था। उसके बाद सरकार ने इस पर कोई कानून नहीं बनाया।

आखिर किसानों की मांगें क्या हैं? सरकार क्या कह रही है उन पर?
1. खेती से जुड़े तीनों कानून रद्द हों। किसानों के मुताबिक इससे कॉर्पोरेट घरानों को फायदा होगा।
सरकार का रुखः कानून वापस नहीं ले सकते। संशोधन कर सकते हैं।

2. MSP का कानून बने, ताकि उचित दाम मिल सके।
सरकार का रुखः आंदोलन खत्म करने को तैयार हैं, तो आश्वासन दे सकते हैं।

3. नया बिजली कानून न आए, क्योंकि इससे किसानों को बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी।
सरकार का रुखः बिजली कानून 2003 ही लागू रहेगा। नया कानून नहीं आएगा।

4. पराली जलाने पर 5 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए जुर्माने वाला प्रस्ताव वापस हो।
सरकार का रुखः पराली जलाने पर किसी किसान को जेल नहीं होगी। सरकार इस प्रावधान को हटाने को राजी है।

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Kisan Andolan Hearing Explainer; Narendra Modi Govt Will Withdraw Farm Laws? | What Is Haryana Punjab Farmers Demand
PM किसान सम्मान योजना में बंदरबांट, लद्दाख-सियाचिन में जवानों की जान बचाएगा हिमतापक और 14 जनवरी को कहर ढा सकती है सर्दी

नमस्कार!
हरियाणा में पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन चलाई। सिडनी टेस्ट में लगातार दूसरे दिन मंकीगेट विवाद हुआ। चीन ने भारतीय सेना से अपने सैनिक की रिहाई की मांग की है। बहरहाल शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर...

किसान आंदोलन और कृषि कानूनों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे।

बॉम्बे हाईकोर्ट में बृहनमुंबई नगरपालिका (BMC) के नोटिस के खिलाफ एक्टर सोनू सूद की याचिका पर सुनवाई होगी।

सेंट्रल बोर्ड और डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के बोर्ड मेंबर्स के सिलेक्शन के लिए सेक्रेटरीज की बैठक होगी।

देश-विदेश

किसानों पर आंसू गैस-वॉटर कैनन चलाई
किसान आंदोलन का रविवार को 46वां दिन था। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान अब भी केंद्र सरकार से दूरी बनाए हुए हैं। इस बीच, हरियाणा के करनाल में उस समय हंगामा हो गया, जब कैमला गांव में किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की रैली का विरोध किया। पुलिस ने किसानों को रोका तो दोनों के बीच झड़प शुरू हो गई। हंगामा इस कदर बढ़ा कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वॉटर कैनन भी चलानी पड़ी। इसके बाद खराब मौसम का हवाला देकर मुख्यमंत्री खट्टर का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।

पीएम किसान योजना में बंदरबांट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 लाख 48 हजार ऐसे किसानों को 1 हजार 364 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया, जो तय क्राइटेरिया में ही नहीं आते थे। इस बात का खुलासा राइट टू इनफॉर्मेशन (RTI) से मिली जानकारी से हुआ है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) से जुड़े वेंकटेश नायक ने यह जानकारी मांगी थी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन अपात्र किसानों के पास स्कीम का पैसा पहुंचा है, उनमें दो कैटेगरी शामिल हैं। पहली में वे किसान हैं, जो इसके लिए जरूरी योग्यता नहीं रखते हैं। दूसरी कैटेगरी में ऐसे किसान हैं, जो इनकम टैक्स भरते हैं।

सिडनी में दूसरे दिन भी नस्लीय टिप्पणी
सिडनी टेस्ट में लगातार दूसरे दिन मंकीगेट विवाद हुआ। टेस्ट के चौथे दिन भी भारतीय बॉलर मो. सिराज पर दर्शकों ने नस्लभेदी टिप्पणी की। बाउंड्री के करीब बैठे दर्शकों की एक टोली लगातार सिराज को ब्राउन मंकी और बिग डॉग बोल रही थी। सिराज ने इसकी शिकायत फील्ड अंपायर पॉल राफेल से की। मैच रेफरी और टीवी अंपायर से फील्ड अंपायर ने बातचीत की और फिर पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने 6 दर्शकों को बाहर निकाल दिया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी इस घटना पर टीम इंडिया से माफी मांगी है। विराट कोहली ने भी इस घटना पर ऐतराज जताया है।

वैक्सीनेशन पर कांग्रेस में दो फाड़
16 जनवरी से देश में वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होना है। इस बीच, वैक्सीन पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस दो खेमों में बंट गई है। शशि थरूर, जयराम रमेश जैसे कई नेताओं ने वैक्सीन पर सवाल खड़े किए तो कांग्रेसी राज वाले राज्य पंजाब, झारखंड और राजस्थान के मंत्री वैक्सीन के पक्ष में खड़े हो गए। इन राज्यों के मंत्रियों ने साफ कहा कि वैक्सीन पर किसी तरह का सवाल खड़ा करना ठीक नहीं है। झारखंड के मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि जनहित के मामलों में वह केंद्र सरकार के साथ खड़े हैं। वहां कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।

चीन ने सैनिक की रिहाई की मांग की
चीन ने भारतीय सेना की हिरासत में मौजूद अपने सैनिक की फौरन रिहाई की मांग की है। चीन की सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मुताबिक, यह सैनिक अंधेरे और इलाके की समझ न होने की वजह से भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया था। इसलिए उसे जल्द रिहा किया जाना चाहिए। घटना पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की है। अक्टूबर में भी एक चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस गया था। दो दिन बाद उसे चीनी सेना के अफसरों को सौंप दिया गया था।

जवानों की जान बचाएगा हिमतापक
चीन से तनाव के बीच सियाचिन और लद्दाख जैसे बर्फीले इलाकों में तैनात जवानों को अब ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने जवानों के लिए हिमतापक हीटिंग डिवाइस तैयार की है। ये ऐसी डिवाइस है, जिसके जरिए सेना का बंकर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी गर्म रहेगा। आर्मी ने इस डिवाइस के लिए 420 करोड़ का ऑर्डर भी DRDO को दे दिया है। जल्द ही इसे बर्फीले इलाकों में ITBP और सेना की पोस्ट पर लगाया जाएगा।

एक्सप्लेनर
कृषि कानूनों पर सुप्रीम सुनवाई
किसान आंदोलन और कृषि कानूनों से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज होगी। दरअसल, किसान आंदोलन से जुड़ी कई याचिकाएं कोर्ट में दायर हुई थीं। कुछ याचिकाओं में आंदोलन को खत्म करने की मांग की गई है, तो कई याचिकाओं में तीनों कानूनों को रद्द करने की। इन्हीं सब याचिकाओं पर अब चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच करेगी। इस मामले की आखिरी सुनवाई 17 दिसंबर को हुई थी। लेकिन सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट से मसला सुलझ सकता है? आइए एक-एक करके इस मामले को पूरी तरह समझते हैं।

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पॉजिटिव खबर
फर्श से अर्श तक का सफर
आज हम आपको अजमेर के भरत ताराचंदानी की कहानी बताने जा रहे हैं। भरत जब छटवीं क्लास में थे, तब उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया था। हादसे के बाद पिता बेड पर चले गए थे। तभी से भरत और उनके परिवार का स्ट्रगल शुरू हो गया था। लेकिन, आज वे पुष्कर में पांच दुकानों के मालिक हैं और टर्नओवर करोड़ों में है। ये सब वो कैसे कर पाए, उन्हीं से जानिए।

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14 जनवरी हो सकता है सबसे सर्द दिन
दो दशक बाद जनवरी के पहले हफ्ते में देशभर में मानसून जैसा माहौल बन गया। उत्तर के पहाड़ी राज्यों में जबरदस्त बर्फबारी हुई तो दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश। दक्षिण में जनवरी में बारिश के 100 साल तक के रिकॉर्ड टूट गए। पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से यह स्थिति पैदा हुई। देश के सभी ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 5 से 8 फीट तक मोटी बर्फ की चादर लिपटी है। मौसम विभाग के मुताबिक, बर्फीली हवाओं का असर समूचे उत्तर, पश्चिम, मध्य व पूर्वी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार तक दिखेगा।

अंधेरे में डूबे पाकिस्तान के शहर
पाकिस्तान में शनिवार देर रात ब्लैकआउट (बिजली गुल) हो गया। इससे कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, मुल्तान, कसूर, रावलपिंडी और मंडी अंधेरे में डूब गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर #Blackout और #LoadShedding ट्रेंड करने लगा। इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर हमजा शफकत ने कहा कि बिजली कंपनी का सिस्टम ट्रिप होने के कारण ब्लैकआउट हुआ। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बदइंतजामी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

सुर्खियों में और क्या है...

पश्चिम बंगाल में हर व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन फ्री में दी जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को ये एलान किया।

कोरोना से अमेरिका, ब्रिटेन और ब्राजील में हालात बेकाबू हो चुके हैं। अमेरिका में शुक्रवार को दो लाख 49 हजार 519 मरीज मिले।

ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप को शनिवार को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि उन्हें कौन सी वैक्सीन दी गई है।

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Top News of 10 January 2021| PM Kisan Samman Yojana will save lives of soldiers in Bandarbant, Ladakh and Siachen, cold and can cause havoc on January 14