मोदी सरकार सभी नागरिकों के खाते में 7500 रुपए ट्रांसफर कर रही है? एक्सपर्ट ने भास्कर को बताया - दावे के साथ वायरल हो रही लिंक रूस की है, इससे भारतीय यूजर के डेटा चोरी का खतरा
क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार ने आखिरकार कोरोना काल में सभी नागरिकों को 7500 रुपए की राहत राशि देने का ऐलान कर दिया है। मैसेज का साथ एक लिंक भी है। दावा है कि इस पर क्लिक करके ही इस राशि का लाभ लिया जा सकता है।
@PMOIndia @aajtak @LambaAlka @ndtvindia *The Government* has finally approved and have started giving out free _Rs.7,500_ Relief Funds to each citizen😍
Below is how to claim and get yours credit Instantly as I have just did nowhttps://t.co/MjhDBE2egU
— zulfi khan (@zulfiikhan) September 20, 2020
और सच क्या है ?
आमतौर पर सरकारी वेबसाइट के यूआरएल के आखिर में gov.in लिखा होता है। लेकिन, वायरल हो रही लिंक में ऐसा नहीं है। इसी से लिंक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होता है।
अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से भी इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि भारत सरकार ने 7500 रुपए हर नागरिक को देने की घोषणा की है।
वायरल हो रही लिंक पर क्लिक करने से ये पेज खुलता है। जहां से यूजर से उसकी नागरिकता के बारे में पूछा जाता है। इस सवाल का जवाब देने के बाद एक के बाद एक कई पेज खुलेंगे, जहां आपको सवालों के जवाबों पर क्लिक करना होगा। ये सवाल आपके खान - पान, हॉबी, जरूरतों से जुड़े होंगे।
कुछ सवालों के जवाब देने के बाद वेबसाइट पर ये पेज खुलेगा और आपसे कहा जाएगा कि इस लिंक को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। यकीन मानिए शेयर करने के बाद भी आपके खाते में कोई राशि नहीं आएगी। क्योंकि फैक्ट चेक टीम ने पाठकों तक सच पहुंचाने के लिए ये पूरा प्रोसेस फॉलो किया है।
तीन महीने पहले केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ही इस दावे को फेक बताया जा चुका है।
Claim- A whatsapp viral message claims to offer free Rs 7500 relief fund to each citizen.#PIBFactcheck: #Fake. The fraud link given is a Clickbait. Beware of such Fraudulent websites and whatsapp forwards. pic.twitter.com/qvaeDODsWk
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 10, 2020
वायरल हो रही लिंक कहां से आई है और इसे क्यों फॉरवर्ड किया जा रहा है ? इसका पता लगाने के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट अविनाश जैन को यह मैसेज फॉरवर्ड किया। एक्सपर्ट की पड़ताल में सामने आया कि, वायरल हो रही लिंक फिशिंग डोमेन है। ये डोमेन रूस के सर्वर पर रजिस्टर्ड है। जो सवाल पूछे जा रहे हैं, उसके जरिए रूस का ये सर्वर हिंदुस्तान के यूजर्स का डेटा कलेक्ट कर रहा है।
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Fact Check : Is the Modi government going to give a relief fund of 7500 rupees to all citizens in the Corona era? 3 month old fake message is going viral again
क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार ने आखिरकार कोरोना काल में सभी नागरिकों को 7500 रुपए की राहत राशि देने का ऐलान कर दिया है। मैसेज का साथ एक लिंक भी है। दावा है कि इस पर क्लिक करके ही इस राशि का लाभ लिया जा सकता है।
@PMOIndia@aajtak@LambaAlka@ndtvindia *The Government* has finally approved and have started giving out free _Rs.7,500_ Relief Funds to each citizen😍
Below is how to claim and get yours credit Instantly as I have just did nowhttps://t.co/MjhDBE2egU
आमतौर पर सरकारी वेबसाइट के यूआरएल के आखिर में gov.in लिखा होता है। लेकिन, वायरल हो रही लिंक में ऐसा नहीं है। इसी से लिंक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होता है।
अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से भी इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि भारत सरकार ने 7500 रुपए हर नागरिक को देने की घोषणा की है।
वायरल हो रही लिंक पर क्लिक करने से ये पेज खुलता है। जहां से यूजर से उसकी नागरिकता के बारे में पूछा जाता है। इस सवाल का जवाब देने के बाद एक के बाद एक कई पेज खुलेंगे, जहां आपको सवालों के जवाबों पर क्लिक करना होगा। ये सवाल आपके खान - पान, हॉबी, जरूरतों से जुड़े होंगे।
कुछ सवालों के जवाब देने के बाद वेबसाइट पर ये पेज खुलेगा और आपसे कहा जाएगा कि इस लिंक को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। यकीन मानिए शेयर करने के बाद भी आपके खाते में कोई राशि नहीं आएगी। क्योंकि फैक्ट चेक टीम ने पाठकों तक सच पहुंचाने के लिए ये पूरा प्रोसेस फॉलो किया है।
तीन महीने पहले केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ही इस दावे को फेक बताया जा चुका है।
Claim- A whatsapp viral message claims to offer free Rs 7500 relief fund to each citizen.#PIBFactcheck: #Fake. The fraud link given is a Clickbait. Beware of such Fraudulent websites and whatsapp forwards. pic.twitter.com/qvaeDODsWk
वायरल हो रही लिंक कहां से आई है और इसे क्यों फॉरवर्ड किया जा रहा है ? इसका पता लगाने के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट अविनाश जैन को यह मैसेज फॉरवर्ड किया। एक्सपर्ट की पड़ताल में सामने आया कि, वायरल हो रही लिंक फिशिंग डोमेन है। ये डोमेन रूस के सर्वर पर रजिस्टर्ड है। जो सवाल पूछे जा रहे हैं, उसके जरिए रूस का ये सर्वर हिंदुस्तान के यूजर्स का डेटा कलेक्ट कर रहा है।
from Dainik Bhaskar /no-fake-news/news/is-the-modi-government-going-to-give-a-relief-fund-of-7500-rupees-to-all-citizens-in-the-corona-era-3-month-old-fake-message-is-going-viral-again-127752385.html
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