कोरोना से लड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कराए गए डोर टू डोर सर्वे में 21 हजार ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जो अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। इससे इन्हें कोरोना का खतरा अधिक है। इस खतरे से निपटने के लिए डॉक्टरों की टीमें विशेष निगरानी रख रही हैं। परिजनों से टीमें लगातार संपर्क बनाकर ऐसे लोगों की निगरानी कर रही हैं। साथ ही केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार इनकी इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने के लिए काढ़ा नियमित रूप से पीने का सुझाव भी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि फरीदाबाद में मृत्युदर में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मई माह में जहां कोरोना से मृत्युदर 2.59 फीसदी थी, वहीं जून में 1.78 फीसदी आ गई। संक्रमित होने वाले मरीजों के शत-प्रतिशत ट्रैकिंग होने से उनका समय पर इलाज संभव हो पाया और अब मृत्युदर घटकर 1.24 फीसदी पहुंच गई है। डीसी ने बताया कि सर्वे के लिए जो मैकेनिज्म बनाया गया था उसमें 8 एंसीडेंट कमांडर बनाए गए थे।
यह जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों की टीम को सौंपी गई थी। इनके अलावा 53 मॉनिटरिंग आफिसर, 265 सेक्टर आफीसर, 3981 लोकल कमेटी, 10038 वालंटियर और 36 आरआरटीएस की टीमें लगातार काम कर रही थीं। हर दिन की प्रोगेस रिपोर्ट लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ शेयर की गई। स्वास्थ्य विभाग ने इसी आधार पर डॉक्टरों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ निगरानी शुरू की। डीसी के अनुसार डॉक्टरों की टीम चिह्नित किए गए 21 हजार लोगों का डाटा तैयार कर उनके परिजनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
3981 लोकल कमेटी ने चिन्हित किए लोगों को
डीसी यशपाल यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने और मृत्युदर कम करने के लिए जिला प्रशासन ने एक योजना बनाई। इसमें प्रशासन के साथ साथ समाजसेवी संस्थाओं के वालंटियर को भी शामिल किया गया। इसके बाद टीमें बनाकर पूरे जिले में डोर टू डोर सर्वे कराया। करीब 24 लाख की आबादी वाले इस जिले में कराए गए सर्वे में यह आंकड़ा सामने आया कि करीब 21 हजार ऐसे लोग हैं जो अन्य बीमारी जैसे कैंसर, हार्ट, बीपी, शुगर, लीवर व अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। इन लोगों को चिह्नित करने के लिए प्रशासन ने 3981 कमेटियां बनाई थीं। इनमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल थे।
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