एम्स में उपचार करवाने आ रहे मरीजों पर दोहरी मार पड़ रही है। यह मार खासकर गरीब मरीजों को ज्यादा भुगतनी पड़ रही है। दरअसल दिल्ली एम्स में मरीजों को दिल्ली मेट्रो के मुकाबले साढ़े तीन गुना ज्यादा पार्किंग फीस चुकानी पड़ रही है। ऐसे में यदि कोई मरीज रात भर के लिए अस्पताल में फंस जाता है तो उसे टू व्हीलर के लिए ही 100 रुपए से अधिक का भुगतान करना पड़ता है। एम्स में उपचार करवाने गए मरीज नरेश ने बताया कि भाई की तबीयत खराब होने के बाद बाइक से एम्स पहुंचे।
आपातकालीन विभाग में मरीज को भर्ती करवाने और उपचार करवाने में 16 घंटे से अधिक का समय लग गया। उपचार करवाने के बाद अस्पताल से निकलने में समय लग गया। उन्होंने बताया कि जब पार्किंग में पहुंचे तो 106 रुपए का बिल पकड़ा दिया। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो में 24 घंटे के लिए 30 रुपए लगते हैं लेकिन एम्स में हर घंटे के आधार पर पैसे लगते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
अस्पताल में उपचार के लिए कितना समय लगेगा, यह कोई नहीं जानता। ऐसे में पार्किंग शुल्क भी मेट्रो की तरह ही लेना चाहिए। वहीं एम्स प्रशासन ने बताया कि पहले 4 घंटे के लिए 10 रुपए और इसके बाद हर घंटे के 6 रुपए के हिसाब से पार्किंग शुल्क लिया जाता है। उन्होंने कहा कि पार्किंग शुल्क महंगा करने से निजी वाहन कम संख्या में अस्पताल में आएंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3f2d02u

0 Comments